रामपुर बुशहर। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश किन्नौर स्थित रामपुर की अदालत ने बुधवार को चरस रखने के आरोप सिद्ध होने पर दोषी महिला पदमा देवी को एक साल के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। हालांकि इस मामले में संलिप्त महिला का पति अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है, जिस कारण उसके खिलाफ अदालत में चालान पेश नहीं किया जा सका है।
फैसले की जानकारी देते हुए उप जिला न्यायवादी कमल चंदेल ने बताया कि दिनांक सात मई 2021 को पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर बहादुर सिंह के घर गांव रुमाली में छापेमारी कर घर से तीन किलो 11 ग्राम चरस बरामद की, लेकिन कार्रवाई के दौरान बहादुर सिंह मौके से फरार हो गया, जो आज तक रूहपोश है। तफ्तीश में पाया गया कि आरोपी पदमा देवी, पत्नी बहादुर सिंह, गांव रुमाली, डाकघर जांओं, तहसील आनी, जिला कुल्लू भी अपने पति के साथ चरस बेचने में मदद करती थी, जिस आधार पर उसे भी मुल्जिम बनाया गया और उसके खिलाफ चालान अदालत में पेश किया गया। क्योंकि पुलिस ने पूरी चरस एफएसएल के लिए नहीं भेजी, जो सैंपल 40 ग्राम भेजा गया था, उसके लिए ही अदालत ने यह सजा सुनाई है।
आरोपी महिला का पति बहादुर सिंह अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है, जिस कारण उसके खिलाफ चालान अदालत में पेश नहीं किया जा सका। न्यायालय ने महिला को चरस के कारोबार में संलिप्त होने पर उसे एक वर्ष के कठोर कारावास और दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। मुकदमे की पैरवी उप जिला न्यायवादी कमल चंदेल और केएस जरयाल ने की।