ठियोग उत्सव के बाद नेहरू मैदान खाली करवाने की कार्रवाई शुरू
18 अगस्त से 15 सितंबर तक मिली थी अनुमति, प्रशासन ने निर्धारित अवधि पूरी होते ही शुरू की कार्रवाई
तहसीलदार और नायब तहसीलदार की अगुवाई में पहुंची टीम, दुकानदारों को सामान सुरक्षित पैक करने के निर्देश
व्यापारियों ने एसडीएम से दो दिन अतिरिक्त समय मांगा, लिखित आदेशों का हवाला देकर मांग ठुकराई
संवाद न्यूज एजेंसी
ठियोग (रामपुर बुशहर)। ठियोग उत्सव के बाद नेहरू मैदान में लगाए गए स्टॉलों को हटाने के लिए रविवार को प्रशासन की टीम मैदान में पहुंची। स्टॉल लगाने की अनुमति 18 अगस्त से 15 सितंबर तक दी गई थी, जबकि खरीदारी की अंतिम तिथि 13 सितंबर निर्धारित थी। निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद प्रशासन ने दुकानें बंद करवाने की कार्रवाई शुरू कर दी। इससे दुकानदारों में हड़कंप मच गया।
कार्रवाई की अगुवाई तहसीलदार वरुण गुलाटी और नायब तहसीलदार अंशुल कश्यप ने की। टीम में नगर परिषद की रीता शर्मा और पुलिस कर्मी भी शामिल रहे। प्रशासनिक टीम ने दुकानदारों को दुकानें बंद करने के निर्देश दिए। साथ ही तिरपाल लगाकर सामान सुरक्षित तरीके से पैक करने की हिदायत दी गई।
दुकानदारों ने कहा कि अपेक्षा के अनुरूप कारोबार नहीं हो पाया है और उन्हें नुकसान उठाना पड़ रहा है। कई दुकानदार प्रशासन से दो दिन की अतिरिक्त मोहलत देने की मांग करते नजर आए, ताकि बचा हुआ सामान बेचकर नुकसान कम किया जा सके।
अतिरिक्त समय की मांग को लेकर व्यापारियों का प्रतिनिधिमंडल एसडीएम शशांक गुप्ता के कार्यालय पहुंचा। दुकानदारों ने दो दिन की मोहलत देने का आग्रह किया, लेकिन एसडीएम ने इसे मंजूर करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि स्टॉल लगाने और हटाने की समय सीमा के संबंध में दुकानदारों को पहले ही लिखित आदेश दिए जा चुके थे। निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद अतिरिक्त समय देना संभव नहीं है।
उधर, सोमवार को भी नेहरू मैदान में खरीदारी के लिए लोगों की भीड़ उमड़ी। दुकानें बंद होने के बाद कई ग्राहक मायूस होकर लौटे। प्रशासन की कार्रवाई के चलते मैदान में दिनभर व्यापारियों के बीच असमंजस की स्थिति बनी रही।
नेहरू मैदान को स्टॉल लगाने के लिए किराये पर देने के एवज में नगर परिषद को करीब 95 लाख रुपये की आमदनी हुई है। निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद प्रशासन ने मैदान खाली करवाने की प्रक्रिया तेज कर दी है।