छह पंचायतों के अस्पताल में टेस्ट तक की सुविधा नहीं
मरीज रामपुर और शिमला जाकर उपचार करवाने को मजबूर
संवाद न्यूज एजेंसी
नित्थर(कुल्लू)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) नित्थर में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी से हजारों ग्रामीण परेशान हैं। लोगों का कहना है कि अस्पताल केवल नाम का सीएचसी बनकर रह गया है। यहां बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं। मरीजों को मजबूरी में इलाज और जांच के लिए रामपुर या शिमला जाना पड़ रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार अस्पताल में लैब तकनीशियन का पद लंबे समय से रिक्त है। इसके कारण मरीजों के सामान्य जांच परीक्षण भी नहीं हो पा रहे हैं। इसके अलावा नर्स का पद भी वर्षों से खाली है। विशेषकर महिलाओं को स्वास्थ्य जांच और उपचार के लिए काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
सीएचसी नित्थर पर नित्थर, देहरा, तांदी, पलेही, लोट, दुराह, शिल्ली और कुठेड़ पंचायतों के हजारों लोग निर्भर हैं। इसके बावजूद अस्पताल में आवश्यक स्टाफ और सुविधाओं का अभाव है। लोगों का कहना है कि सरकार और स्वास्थ्य विभाग से कई बार मांग उठाने के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। छोटी-छोटी जांच के लिए भी मरीजों को रामपुर के खनेरी अस्पताल या आईजीएमसी शिमला जाना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि अस्पताल के रिक्त पदों को शीघ्र भरा जाए। आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं बहाल की जाएं ताकि लोगों को अपने क्षेत्र में ही समय पर उपचार मिल सके।
विभाग में स्टाफ की कमी है। रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया पर स्वास्थ्य विभाग गंभीरता से काम कर रहा है। उम्मीद है सीएचसी नित्थर के खाली पद भी जल्द भर दिए जाएंगे।
-डॉ. रंजीत ठाकुर, सीएमओ, कुल्लू