बारिश थमने के बाद भी एनएचएआई नहीं कर पाया मरम्मत कार्य शुरू
73 पंचायतों के ग्रामीण, भारतीय सेना, आईटीबीपी के जवान और पर्यटक झेल रहे परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
सांगला(किन्नौर)। सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माने जाने वाले शिमला-किन्नौर नेशनल हाईवे-पांच की हालत खस्ता बनी हुई है। भारी बरसात से एनएच जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गया है। मार्ग के करीब 61 किलोमीटर हिस्से पर गड्ढों की भरमार है। यहां से रोजाना हजारों लोग खतरे के साये में सफर कर रहे हैं। शिमला जिले के बधाल से लेकर किन्नौर के पोवारी तक मार्ग की हालत दयनीय है। वहीं, बरसात थमने के बाद भी भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने एनएच को सुधारने का कार्य शुरू नहीं किया है। इस वर्ष जिले में हुई भारी बरसात से बधाल, थाच, निगुलसरी, चौरा, तरांडा, नाथपा, पागल नाला, लाल ढांक और पोवारी समेत कई स्थानों पर एनएच-पांच क्षतिग्रस्त हुआ है। एनएच कई जगह गड्ढों में तब्दील हो गया है। एनएच पर कई जगह में बड़ी-बड़ी चट्टानें गिरी हैं। इस कारण एनएच पर सफर जानलेवा बन गया है। इस एनएच पर रोजाना किन्नौर जिले के कल्पा, निचार और पूह खंड की 73 पंचायतों के हजारों ग्रामीण, काजा और स्पीति के लोग सफर करते हैं। इनके अलावा देश की सीमा पर तैनात भारतीय सेना, भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल (आईटीबीपी) के जवान और देश-विदेश से किन्नौर पहुंचने वाले पर्यटक रोजाना सफर करते हैं, लेकिन खस्ताहाल मार्ग के कारण दिक्कतें झेलनी पड़ती हैं। वहीं, इन दिनों किन्नौर जिले में सेब का सीजन जोरों पर है। खस्ताहाल सड़क पर बागवानों को अपनी नकदी फसल मंडी पहुंचाने में दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। पूह के पंचायत प्रधान राजेश नेगी, कल्पा की प्रधान सरिता नेगी, दुन्नी के प्रधान दीवान नेगी, कोठी के प्रधान ओमप्रकाश नेगी, उपप्रधान महेश नेगी, ख्वांगी की प्रधान सत्या देवी नेगी, पांगी के प्रधान कालजांग मनी नेगी, सांगला के प्रधान देवसांकी नेगी, चांसू के प्रधान बीरबल लोक्टस, जिला परिषद सदस्य सरिता नेगी, समिति सदस्य अविनाश नेगी ने कहा कि खस्ताहाल एनएच पर हर समय हादसे होने की आशंका बनी रहती है। उन्होंने प्रदेश सरकार और एनएचएआई से जल्द एनएच को दुरुस्त करने की मांग उठाई है।
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इस वर्ष भारी बरसात के चलते एनएच-पांच को काफी क्षति पहुंची है। एनएच को सुधारने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है।
केएल सुमन, एक्सईएन, एनएचएआई रामपु
किन्नौर जिले में एनएच पांच पर पड़ी चट्टान नहीं हटाया पाया एनएचएआई। संवाद