निगुलसरी और नाथपा में एनएच-5 पर गड्ढे और जगह-जगह कीचड़ का दलदल
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ग्राउंड रिपोर्ट : खस्ताहाल सड़क से लोग परेशान, छोटे वाहनों को पहुंच रहा नुकसान . रोजाना खतरे के साये में हो रहा सफर, समाधान की उठाई मांग संवाद न्यूज एजेंसी सांगला (किन्नौर)। किन्नौर जिले के भूस्खलन प्रभावित यानी ब्लैक स्पॉट क्षेत्र निगुलसरी के सेक्टर-26 और नाथपा में पहाड़ी को सुरक्षित करने के लिए निर्माण कार्य चल रहे हैं। वहीं, एनएच-पांच पर सुरक्षित सफर के इंतजाम बदहाल हो गए हैं। दोनों स्थानों में एनएच पर करीब 100-100 मीटर लंबे हिस्से में बड़े-बड़े गड्ढे पड़ गए हैं, जिससे एनएच पर जगह-जगह कीचड़ का दलदल बन गया है। इस कारण रोज हजारों लोग खतरे के साए में सफर कर रहे हैं। बारिश के बाद स्थिति और ज्यादा खराब हो रही है। हालात यह हैं कि छोटे वाहनों को इन गड्ढों से निकालना वाहन चालकों के लिए चुनौती बन गया है। कई छोटे वाहनों के चेंबर टूटने और अन्य हिस्सों को नुकसान पहुंचने की शिकायतें सामने आ रही हैं। वाहन चालकों का कहना है कि रात को इन स्थानों पर खतरा और बढ़ जाता है। एनएच-पांच किन्नौर के लिए बेहद महत्वपूर्ण मार्ग है। जिला मुख्यालय रिकांगपिओ के अलावा पूह, कल्पा और निचार विकासखंड की करीब 80 पंचायतों के लोग इसी मार्ग से आवाजाही करते हैं। इसके अलावा काजा, पूह और स्पीति क्षेत्र के लोगों, भारतीय सेना, आईटीबीपी के जवानों और किन्नौर पहुंचने वाले पर्यटकों के लिए भी यह प्रमुख मार्ग है। ऐसे में सड़क की खराब हालत से आम लोगों के साथ-साथ पर्यटन और अन्य आवश्यक आवाजाही भी प्रभावित हो रही है।
एनएच को सुरक्षित रखना आवश्यक
भाजपा मंडल निचार के अध्यक्ष ज्ञावापालदेन नेगी, पूह मंडल अध्यक्ष दीप ज्योति नेगी, कल्पा मंडल अध्यक्ष कंवर सिंह नेगी और युवा मोर्चा के पूर्व जिला अध्यक्ष प्रवीण मोयान नेगी समेत अन्य लोगों ने कहा कि भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में पहाड़ी को सुरक्षित करने का कार्य जरूरी है, लेकिन एनएच-पांच की आवाजाही सुरक्षित रखना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने गड्ढों और कीचड़ को हटाकर एनएच को यातायात के लिए अनुकूल बनाने की मांग उठाई। उन्होंने प्रदेश सरकार, जिला प्रशासन और एनएचएआई से समस्या का शीघ्र समाधान करने की मांग की है।
भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में निर्माण कार्य समाप्त होते ही एनएच-पांच को दुरुस्त कराया जाएगा। एनएच की स्थिति बेहतर करने के लिए निजी ठेकेदार को सख्त निर्देश दिए जाएंगे। केएल सुमन, अधिशासी अभियंता, एनएचएआई रामपुर