. नवनिर्वाचित पार्षदों ने ली पद एवं गोपनीयता की शपथ
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. जल्द बुलाई जाएगी अध्यक्ष और उपाध्यक्ष चुनाव की बैठक संवाद न्यूज एजेंसी ठियोग (रामपुर बुशहर)। ठियोग नगर परिषद में भाजपा का पलड़ा भारी है, लेकिन अध्यक्ष-उपाध्यक्ष को लेकर संशय बरकरार है। नगर परिषद ठियोग के नवनिर्वाचित पार्षदों ने मंगलवार को पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। नगर परिषद कार्यालय में आयोजित समारोह में एसडीएम शशांक गुप्ता ने सभी पार्षदों को शपथ दिलाई। इस दौरान कार्यकारी अधिकारी वरुण शर्मा भी मौजूद रहे। शपथ ग्रहण समारोह में चुनाव जीतकर आए वार्ड नंबर-1 से मदन शर्मा, वार्ड नंबर-2 से कमला शर्मा, वार्ड नंबर-3 से सीमा कश्यप, वार्ड नंबर-4 से कुसुम शर्मा, वार्ड नंबर-5 से भारती सूद, वार्ड नंबर-6 से दिनेश शर्मा और वार्ड नंबर-7 से करुणा कंवर ने भाग लिया और अपने पद की शपथ ली। शपथ ग्रहण के बाद अब नगर परिषद के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। एसडीएम शशांक गुप्ता ने बताया कि अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव के लिए अलग से बैठक बुलाई जाएगी। हालांकि, इस बैठक की कोई निर्धारित समयसीमा तय नहीं की गई है। नियमों के अनुसार पहली बैठक में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव के लिए कम से कम पांच पार्षदों की उपस्थिति अनिवार्य होगी। यदि किसी कारणवश कोरम पूरा नहीं होता है, तो अगली बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें चार पार्षदों की उपस्थिति को ही वैध कोरम माना जाएगा और उसी बैठक में अध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष का चुनाव संपन्न करवाया जा सकेगा।
भाजपा को मिल सकता है सत्ता का लाभ
नगर परिषद के सात सदस्यीय सदन में भाजपा के चार और कांग्रेस के तीन पार्षद निर्वाचित हुए हैं। ऐसे में संख्या बल के आधार पर भाजपा का पलड़ा भारी नजर आ रहा है। विशेष रूप से विधायक की मतदान संबंधी शक्तियां समाप्त होने के बाद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव में भाजपा को स्पष्ट बढ़त मिलती दिखाई दे रही है। इस बार अध्यक्ष पद महिला वर्ग के लिए आरक्षित है। भाजपा के पास तीन महिला पार्षद हैं, जिसके चलते अध्यक्ष पद पर उसका दावा मजबूत माना जा रहा है। हालांकि, पार्टी किस महिला पार्षद को अध्यक्ष पद के लिए आगे करती है और उपाध्यक्ष पद पर किसे मौका मिलता है। इसे लेकर अभी भी राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर जारी है।
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पिछली परिषद की अस्थिरता से सबक लेने की जरूरत
नगर परिषद ठियोग का पिछला कार्यकाल राजनीतिक अस्थिरता के कारण लगातार चर्चा में रहा। पांच साल के दौरान परिषद में तीन अध्यक्ष और तीन उपाध्यक्ष बदले गए, जिससे विकास कार्यों की गति भी प्रभावित हुई। बार-बार हुए नेतृत्व परिवर्तन ने नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए थे, लेकिन अब क्षेत्र की जनता को उम्मीद है कि नई परिषद पूरे पांच वर्ष तक स्थिर नेतृत्व के साथ कार्य करेगी और विकास कार्यों को प्राथमिकता देगी। लोगों का मानना है कि यदि पिछली बार की तरह राजनीतिक खींचतान और सत्ता परिवर्तन का दौर फिर शुरू हुआ तो जनता का लोकतांत्रिक संस्थाओं पर विश्वास कमजोर पड़ सकता है।
विकास की उम्मीदों के बीच राजनीतिक परीक्षा
नई नगर परिषद के सामने शहर की सफाई व्यवस्था, पार्किंग, पेयजल, सड़क सुधार और शहरी विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे हैं। ऐसे में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव केवल राजनीतिक महत्व का नहीं, बल्कि ठियोग के विकास की दिशा तय करने वाला भी माना जा रहा है। अब सभी की निगाहें उस बैठक पर टिकी हैं, जिसमें नगर परिषद को अपना नया नेतृत्व मिलने वाला है।