. कॉलेज बंद करने के विरोध में निकाली रोष रैली, सौंपा ज्ञापन
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. स्थानीय संस्था, विद्यार्थियों और अभिभावकों ने कॉलेज बहाली की उठाई मांग संवाद न्यूज एजेंसी ननखड़ी (रामपुर बुशहर)। ननखड़ी क्षेत्र के विद्यार्थियों को वर्षों के इंतजार के बाद कॉलेज मिला और घरद्वार पर उच्च शिक्षा की सुविधा मिली, लेकिन अब सरकार ने इस कॉलेज को बंद करने की अधिसूचना जारी कर दी है। सोमवार को जहां भाजपा ने कॉलेज बंद करने का विरोध जताया, वहीं मंगलवार को परिवर्तन शिक्षा एवं विकास संस्था, कॉलेज के विद्यार्थियों और अभिभावकों ने कॉलेज बंद होने पर रोष जताया। उन्होंने ननखड़ी तहसील मुख्यालय में रोष रैली निकाली और इस फैसले को छात्र विरोधी बताया। इस दौरान तहसीलदार ननखड़ी को ज्ञापन सौंप कर कॉलेज को बहाल करने की मांग उठाई गई। इस रैली के जरिये क्षेत्र के लोगों ने कॉलेज को बहालकर ग्रामीण इलाकों के विद्यार्थियों को राहत देने की मांग की। ननखड़ी चौक पर परिवर्तन शिक्षा एवं विकास संस्था, कॉलेज के विद्यार्थी और अभिभावकों ने धरना-प्रदर्शन किया। लोगों ने कहा कि यह कॉलेज क्षेत्र के गरीब और जरूरतमंद विद्यार्थियों को को घरद्वार पर उच्च शिक्षा मुहैया करवा रहा था, अब सरकार ने इसे बंद करने का फरमान जारी किया है। इससे विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा से वंचित होना पड़ेगा। परिवर्तन शिक्षा एवं विकास संस्था के अध्यक्ष राजेश खुंद ने कहा कि अब क्षेत्र छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए रामपुर या शिमला के कॉलेजों में जाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सरकार को ग्रामीण इलाकों के विद्यार्थियों को घर द्वार पर उच्च शिक्षा मुहैया करवाने के लिए कॉलेज बहाल करना चाहिए, ताकि ग्रामीण इलाकों के विद्यार्थियों को दूर दराज के कॉलेजों में न जाना पड़े। छात्र हित को ध्यान में रखते हुए जारी की गई अधिसूचना को तुरंत रद्द किया जाए और पूर्व की भांति कॉलेज को सुचारु रूप से चलाया जाए। इस मौके पर नारायण सिंह, पवन मेहता, मनमोहन शर्मा, दुर्गादत्त शर्मा, हीरा सिंह, कर्म सिंह ठाकुर, शमशेर सिंह, कॉलेज के विद्यार्थी, अभिभावक और स्थानीय लोग मौजूद रहे।
ननखड़ी कॉलेज को बंद करने की अधिसूचना के विरोध में तहसीलदार ननखड़ी को ज्ञापन सौंपते स्थानीय संस्