सात साल से चिकित्सक और एक साल से फार्मासिस्ट का पद रिक्त
चिकित्सालय में तैनात पशुपालन सहायक प्रतिनियुक्ति पर मशोबरा में दे रहे सेवाएं.
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर।
उपमंडल रामपुर की चार पंचायतों के पशुपालकों को कई वर्षों से पशुओं के उपचार के लिए भटकना पड़ रहा है। उप तहसील सराहन के मझगांव स्थित पशु चिकित्सालय में न चिकित्सक हैं और न ही फार्मासिस्ट। क्षेत्र के दो पशु औषधालय भी बिना स्टाफ के चल रहे हैं। पशु चिकित्सालय मझगांव में सात साल से पशु चिकित्सक का पद रिक्त पड़ा है। फार्मासिस्ट का पद भी एक साल से खाली है। क्षेत्र के पशुपालकों को पशुओं के उपचार करवाने के लिए परेशानी झेलनी पड़ रही हैं। इस पशु चिकित्सालय से सराहन, शाहधार, किन्नू और बौंडा पंचायत के पशुपालक लाभान्वित होते हैं, लेकिन वर्तमान में यहां पशुओं के उपचार की सुविधा सुचारु रूप से नहीं मिल पा रही। विभाग ने यहां पशुपालन सहायक की तैनाती तो की है, लेकिन वर्तमान में वह डेपुटेशन पर मशोबरा में सेवाएं दे रहा है। विभाग ने भेड़ प्रजनन केंद्र ज्यूरी से फार्मासिस्ट को प्रतिनियुक्ति पर लगाया है, लेकिन उसके हवाले पशु चिकित्सालय दोफदा का भी कार्यभार है। इसके अलावा प्रजनन केंद्र में भी उसकी सेवाएं ली जा रही हैं। क्षेत्र के कृष्ण घाघटा, रघुवीर घाघटा, राजकुमार सक्सेना, सतबीर बुशैहरी, अनिल चौहान, सुनील चौहान, राम लाल और विकास चौहान ने कहा कि पशु चिकित्सालय में चिकित्सक और स्टाफ की कमी के कारण पशुओं का उपचार करवाना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने प्रदेश सरकार और पशुपालन विभाग से चिकित्सालय में स्टाफ की तैनाती करने की मांग उठाई है।
पशु चिकित्सालय में रिक्त पड़े पदों को लेकर समय-समय पर विभाग के उच्चाधिकारियों और सरकार को सूचित किया जा रहा है। वर्तमान में भेड़ प्रजनन केंद्र ज्यूरी से फार्मासिस्ट को प्रतिनियुक्ति पर मझगांव और दोफदा चिकित्सालय भेजा जा रहा है। उम्मीद है कि जल्द ही पशु चिकित्सालय में स्टाफ की तैनाती होगी।
-डॉ. अनिल चौहान, वरिष्ठ पशुपालन अधिकारी ज्यूरी