सोलन। शहर में लावारिस कुत्तों की समस्या अब एक गंभीर संकट का रूप ले चुकी है। नगर निगम सोलन के सभी 17 वार्डों में कुत्तों का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि स्थानीय निवासियों, विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों का घरों से निकलना दूभर हो गया है। सरकारी आंकड़ों और जमीनी हकीकत पर नजर डालें तो शहर में इस समय 2500 से अधिक लावारिस कुत्ते घूम रहे हैं, लेकिन स्थानीय प्रशासन के पास इनसे निपटने के लिए कोई ठोस योजना नजर नहीं आ रही।
स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय अस्पतालों से प्राप्त जानकारी के अनुसार सोलन शहर में कुत्तों के काटने के मामलों में बेतहाशा वृद्धि हुई है। शहर में हर महीने औसतन 200 से अधिक डॉग बाइट के मामले सामने आ रहे हैं। क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में रोजाना एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगवाने वालों की संख्या 10 से 15 तक रहती है। शहर के जागरूक नागरिकों और सामाजिक संगठनों की ओर से यह मुद्दा बार-बार नगर निगम की बैठकों में उठाया गया है।
स्थानीय लोगों की मुख्य मांग एक सुव्यवस्थित डॉग शेल्टर बनाने की रही है, ताकि इन बेसहारा कुत्तों को सड़कों से हटाकर एक सुरक्षित स्थान पर रखा जा सके। हालांकि, नगर निगम अब तक डॉग शेल्टर बनाने में पूरी तरह नाकाम रहा है। बजट और भूमि चयन की औपचारिकताओं के बीच यह प्रोजेक्ट फाइलों में ही दबा हुआ है।