किसान परेशान, सरकार नहीं गंभीर
सरकार दूध उत्पादकों की बकाया राशि जल्द जारी करे, वरना प्रदर्शन
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। दूध के पैसे समय पर न मिलने से हजारों दुग्ध उत्पादकों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। दत्तनगर मिल्क प्लांट से जनवरी और फरवरी माह का भुगतान अभी तक नहीं किया गया है। इससे दुग्ध उत्पादकों में चिंता और परेशानी बढ़ गई है। भाजपा नेता कौल सिंह ने जारी बयान में यह बात कही।
उन्होंने कहा कि भुगतान में देरी के कारण ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब और मध्य वर्गीय किसानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि सरकार पशुपालकों के हितों की रक्षा करने में अपेक्षित कदम नहीं उठा पा रही है। एक ओर महंगाई के कारण आम लोगों पर आर्थिक दबाव बढ़ा है, वहीं पशुपालन की बढ़ती लागत ने हालात और कठिन बना दिए हैं।
कौल सिंह ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में कई परिवारों की आजीविका दूध उत्पादन पर निर्भर है। ऐसे में समय पर भुगतान न मिलने से पशुपालकों के सामने चारा, चोकर, दवाइयों और पशुओं की देखभाल जैसे खर्च पूरे करना चुनौती बन जाता है। उन्होंने कहा कि दुग्ध उत्पादन ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है और छोटे किसान अपनी आजीविका के लिए काफी हद तक इसी पर निर्भर रहते हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार की उदासीनता के कारण लोहड़ी, फाग और होली जैसे पर्वों के अवसर पर भी दुग्ध उत्पादकों को समय पर भुगतान नहीं मिल पाया। कई बार पशुपालकों को 2 से 4 महीने तक इंतजार करना पड़ता है, जबकि हर माह की 10 तारीख तक भुगतान हो जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर पशु औषधालयों में चिकित्सकों की कमी के कारण पशुओं को समय पर टीकाकरण की सुविधा भी नहीं मिल पा रही है, जिससे पशुपालकों की चिंताएं बढ़ रही हैं। कौल सिंह ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द बकाया भुगतान नहीं किया तो आने वाले समय में इस मुद्दे को लेकर कड़ा विरोध किया जाएगा।