संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। हिमालयन अनुसंधान केंद्र शिमला के निदेशक डॉ. शेर सिंह सामंत ने कहा कि प्रदेश में औषधीय पौधों की खेती से किसानों की आय में बढ़ोतरी होगी। इसके लिए संस्थान में अनुसंधान चल रहा है। हिमाचल, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में वानिकी एवं वानिकी अनुसंधान, पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य चल रहा है। रविवार को रोहड़ू में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में डॉ. शेर सिंह ने किसानों के साथ महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। कार्यक्रम में विशेष अतिथि के तौर पर वन मंडल अधिकारी रोहड़ू शहनाज भट्ट उपस्थित थे।
शिविर में क्षेत्र के करीब 60 किसानों ने भाग लिया। इस दौरान डॉ. संदीप शर्मा ने संस्थान की गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने लोगों को औषधीय और सुगंधित पौधों की उत्पादकता बढ़ाने की जानकारी दी। उन्होंने हिमालय क्षेत्र में पाए जाने वाले औषधीय पौधों के बारे में भी बताया। अनुसंधान संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक जगदीश सिंह ने औषधीय पौधों की खेती से ग्रामीणों की आय में वृद्धि एवं विविधिकरण शीतोष्ण औषधीय पौधों की खेती की लोगों को जानकारी दी। कृषि विज्ञान केंद्र रोहड़ू के प्रभारी डॉ. नरेंद्र कायथ ने लोगों को बागवानी के साथ औषधीय खेती की संभावनाओं के बारे में बताया। डॉ. जोगेंद्र सिह चौहान ने लोगों को औषधीय पौधों के संरक्षण, पारंपरिक ज्ञान और विभिन्न रोगों में प्रयोग होने वाले औषधीय पौधों की जानकारी दी।
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