54 करोड़ रुपये की लागत से एनएचएआई करेगा सुरक्षा कार्य
विज्ञापन
निगुलसरी में 350 और नाथपा में 150 मीटर पर होंगे कई कार्य मृदा परीक्षण के भेजे प्रस्ताव को मिली स्वीकृति टेंडर प्रक्रिया पूरी कर जल्द शुरू होंगे सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त सेना के जवानों, पर्यटकों, किसानों-बागवानों सहित हजारों लोगों को मिलेगी राहत
बीरबल नेगी
सांगला (किन्नौर)। देश सीमा को जोड़ने वाले नेशनल हाईवे-पांच पर आपदा प्रभावित क्षेत्र निगुलसरी और नाथपा में उच्च तकनीक से भूस्खलन की रोकथाम होगी। निगुलसरी के सेक्टर-26 और नाथपा में 54 करोड़ रुपये की लागत से भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त करेगा। गौर हो कि कई वर्षों से निगुलसरी और नाथपा में भूस्खलन का सिलसिला जारी है। ऐसे में राष्ट्रीय उच्च मार्ग-पांच पर सेना के जवान, पर्यटक और हजारों लोग खतरे के साये में सफर करने को मजबूर हैं। खतरे को भांपते हुए बीते वर्ष जियोलॉजिस्ट, आईटीआई मंडी और निजी कंपनी की टीम ने केंद्रीय मंत्रालय को मृदा परीक्षण के लिए प्रस्ताव भेजा। इस प्रस्ताव को मार्च में मंजूरी मिल चुकी है। जल्द ही टेंडर प्रक्रिया होगी और सुरक्षा के कार्य शुरू किए जाएंगे। निगुलसरी में करीब 350 मीटर और नाथपा में करीब 150 मीटर के भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा को लेकर कार्य होंगे।
इन तकनीकों से होंगे सुरक्षा के प्रबंध
भूस्खलन प्रभावित इन क्षेत्रों में रॉकफॉल बैरियर, रॉक एंकर और हाइटेंन स्टील लगाए जाएंगे। इसके अलावा जो सड़क भूस्खलन से धंस रही है, उसकी रिडयूस पैनल की उच्च तकनीक से रोकथाम की जाएगी। जियो सिंथेटिक मैट लगाए जाएंगे। इससे सड़क में पानी का रिसाव नहीं होगा और सड़क नहीं धंसेगी।
केंद्रीय मंत्रालय से मंजूरी मिल चुकी है। उच्च तकनीक से निगुलसरी और नाथपा में भूस्खलन की रोकथाम की जाएगी। जल्द टेंडर प्रक्रिया पूरी कर भूस्खलन की रोकथाम के कार्य शुरू किए जाएंगे। - केएल सुमन, एक्सईएन, एनएचएआई रामपुर
निगुलसरी में आपदा प्रभावित क्षेत्र में जल्द होंगे सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम। संवाद