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Rampur Bushahar News: फसलों और घरों को हुए नुकसान की भरपाई को तरसे प्रभावित

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किसान सभा के बैनर तले लूहर परियोजना के प्रभावित एसडीएम कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन करते हुए।
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एक अगस्त पर बनी सहमति, नवंबर अंत तक नहीं हुआ सर्वे
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लूहरी परियोजना प्रभाविताें ने परियोजना प्रबंधन और प्रशासन के खिलाफ खोला मोर्चा
समय रहते नहीं पूरी नहीं हुई मांग तो होगा उग्र आंदोलन
किसान सभा के बैनर तले चार पंचायताें के प्रभाविताें ने किया विरोध प्रदर्शन
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। सतलुज नदी पर निर्माणाधीन एसजेवीएन के 210 मेगावाट लूहरी हाइड्रो प्रोजेक्ट से प्रभावित पंचायतों के ग्रामीणों ने मंगलवार को किसान सभा के बैनर तले एसडीएम कार्यालय रामपुर के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने चेताया कि यदि मांगों पर जल्द सहमति नहीं बनी तो उग्र प्रदर्शन किया जाएगा। परियोजना प्रभावितों ने कहा कि परियोजना के निर्माणा से फसलाें को नुकसान हुआ है और घरों को क्षति पहुंची है। हैरानी की बात है कि प्रभाविताें के साथ एक अगस्त तक नुकसान का सर्वे करने पर सहमति बनी थी, लेकिन नवंबर माह बीत रहा है, अब तक सर्वे नहीं हो पाया है। ऐसे में प्रभावित पंचायतों के ग्रामीणों में परियोजना प्रबंधन और प्रशासन के प्रति रोष व्याप्त है।
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इस प्रदर्शन में ग्राम पंचायत देलठ, नीरथ, करांगला और बड़ाच के किसान शामिल हुए। इस प्रदर्शन को किसान सभा के अध्यक्ष कृष्णा राणा, प्रेम चौहान और रंजीत ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि प्रभावित पंचायतों के किसान लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। कई बार प्रशासन को मांग पत्र भी दिया है। इन मांगों पर 9 मई 2024 को एक लिखित समझौता भी हुआ था। इस समझौते के अनुसार, प्रशासन ने माना था कि प्रोजेक्ट के निर्माण से फसल के नुकसान का सर्वे 20 जुलाई और ब्लास्टिंग से मकानों में आईं दरारों का मूल्यांकन 1 अगस्त तक करने पर सहमति बनी थी, लेकिन अभी तक प्रशासन ने बढ़ाच और करांगला पंचायत का कोई सर्वे नहीं किया है। इससे क्षेत्र के किसानों में प्रशासन के प्रति रोष है। उन्होंने कहा कि इन समस्याओं को लेकर कई बार प्रशासन के साथ बैठक में सहमति बनी, परंतु प्रशासन ने फिर भी धूल से जो फसलों का नुकसान हुआ है, उसका सर्वे नहीं किया और न ही मकानों में आई दरारों का मूल्यांकन किया है। उन्होंने चेताया कि यदि समय रहते प्रशासन इन मांगों को पूरा नहीं करता तो आने वाले समय में किसान सभा एक उग्र आंदोलन करेगी, जिसकी जिम्मेवारी स्थानीय प्रशासन की होगी। इस मौके पर किसान सभा जिला अध्यक्ष प्रेम चौहान, कृष्णा राणा, हरदयाल कपूर, देवेंद्र, पदम, दर्शन, महेंद्र, संदीप, हरीश, रंजीत, कंवर सिंह सहित अन्य मौजूद रहे।
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