सात सड़कें अभी भी यातायात के लिए अवरुद्ध
18 मशीनें और करीब 300 मजदूर जुटे यातायात बहाली में
संवाद न्यूज एजेंसी
सांगला (किन्नौर)। किन्नौर जिले में बुधवार से जारी मौसम का कहर मंगलवार को थम गया, लेकिन जिले के हजारों लोगों की दुश्वारियां थमने का नाम नहीं ले रही हैं। जिले के आठ रूटों को छोड़ शेष सभी ग्रामीण रूट ठप पड़े हैं। इस कारण हजारों ग्रामीण आवाजाही करने में परेशानी झेल रहे हैं। वहीं, पूह खंड के अधिकांश इलाकों में बिजली आपूर्ति ठप पड़ी है। लोक निर्माण विभाग ने डेढ़ दर्जन मशीनें और करीब तीन सौ मजदूर सड़कों को बहाल करने के लिए तैनात किए हैं। सोमवार रात से सुबह तक किन्नौर जिले में बर्फबारी का दौर जारी रहा, जबकि निचले इलाकों में बारिश होती रही। पर्यटन स्थल सांगला का अधिकतम तापमान पांच डिग्री और न्यूनतम एक डिग्री और कल्पा का अधिकतम तापमान छह डिग्री, जबकि न्यूनतम तापमान माइनस तीन डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है। मंगलवार को मौसम तो खुल गया, लेकिन ग्रामीण सड़कों पर वाहनों की आवाजाही शुरू नहीं हो पाई है। बर्फबारी और भूस्खलन के कारण ग्रामीण सड़कें पूरी तरह यातायात के लिए बहाल नहीं हो पाई हैं। जिले की काफनू, नाथपा, छोटा कंबा, बरी, हांगो, चुलिंग, कुनोचारंग सड़कें अब तक यातायात के लिए पूरी तरह से बंद पड़ी हैं, जबकि जिले के सांगला, कल्पा, बारंग, उरनी, रल्ली, निचार, युला और पूह रूट पर परिवहन निगम की बसें चल रही हैं। जिले के कल्पा खंड में दो, निचार खंड में चार और पूह खंड में 94 ट्रांसफार्मर अभी भी बंद पड़े हैं, जिन्हें बहाल करने में विद्युत बोर्ड के अधिकारी और कर्मचारी युद्धस्तर पर जुटे हुए हैं। बहरहाल, अभी बर्फबारी के कारण जिले के लोगों की परेशानियां अगले कई दिनों तक रहने वाली हैं।
-लोक निर्माण विभाग कल्पा के एक्सईएन डीके सेन और एक्सईएन भावानगर आनंद कुमार शर्मा ने बताया कि जिले में बर्फबारी और भूस्खलन से बाधित सडक़ों को बहाल करने के लिए 18 मशीनें और करीब 300 मजदूर तैनात किए गए हैं।
-बिजली बोर्ड रिकांगपिओ के एक्सईएन टाशी नेगी ने बताया कि जिले में विद्युत आपूर्ति बहाल करने कार्य जारी है। भारी बर्फबारी के कारण लाइनों को दुरूस्त करना परेशानियोंं भरा बना हुआ है।
- संवाद
निगुलसरी सलाईडिग पाइंट पर एनएच पाच को बहाल करने में जुटी एनएच प्राधिकरण की जेसीबी मशीन