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बागवानों को राम भरोसे छोड़ सरकार चुनाव में मस्त

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बागवानों को राम भरोसे छोड़ सरकार चुनाव में मस्त
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ठियोग में पत्रकार वार्ता में बोले पूर्व मुख्य संसदीय सचिव रोहित ठाकुर
संवाद न्यूज एजेंसी
ठियोग (रामपुर बुशहर)। प्रदेश के बागवानों को राम भरोसे छोड़कर भाजपा सरकार का सारा ध्यान उपचुनाव पर केंद्रित है। यह बात पूर्व मुख्य संसदीय सचिव और जुब्बल-नावर-कोटखाई के पूर्व विधायक रोहित ठाकुर ने ठियोग में पत्रकारों को संबोधित करते हुए कही।
उन्होंने कहा कि भाजपा की डबल इंजन वाली सरकार के कृषि एवं बागवानी क्षेत्र के प्रति उदासीन रवैये से किसान-बागवानों को मात्र निराशा ही हाथ लगी है। सेब के दामों में भारी गिरावट के चलते बागवान चिंतित हैं। वहीं, आए दिन सरकार के वरिष्ठ मंत्री हास्यास्पद बयान देकर बागवानों के जख्मों पर नमक छिड़कने का काम कर रहे हैं। मोदी सरकार ने किसानों-बागवानों की आय वर्ष 2022 तक दोगुनी करने की बात कही थी, लेकिन भाजपा सरकार की किसान-बागवान विरोधी नीतियों के चलते वर्तमान में लागत मूल्य भी नहीं मिल पा रहा है, इससे लगता है कि किसान-बागवानों की आय में दोगुनी कटौती होनी निश्चित है।
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रोहित ने कहा कि इस वर्ष भारी ओलावृष्टि और बेमौसमी बर्फबारी से सेब को भारी नुकसान पहुंचा है। सरकारी आकलन के अनुसार बागवानों को 284 करोड़ का नुकसान हुआ है, जबकि प्रदेश की भाजपा सरकार नुकसान की भरपाई करने में नाकाम रही है। कहा कि गत दो वर्षों से बागवानों की एमआईएस के तहत लगभग 5 करोड़ रुपये की राशि लंबित पड़ी है, जिसे बार-बार आग्रह पर भी जारी नहीं किया जा रहा है। भाजपा ने वर्ष 2014 व 2019 के लोकसभा चुनाव में सेब को विशेष उत्पाद श्रेणी का दर्जा दिलाने और सेब पर आयात शुल्क तीन गुना बढ़ाने की बात कही थी। सेब को विशेष उत्पाद की श्रेणी में शामिल करना तो दूर की बात है, इसके विपरीत सेब पर जो आयात शुल्क 50 प्रतिशत हुआ करता था । मोदी सरकार ने उसे घटाकर 15 प्रतिशत कर दिया है, जिसके चलते अब विदेशों से सस्ते दामों में सेब आयात होगा और प्रदेश के बागवानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
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प्रदेश के सेब उद्योग को बचाने के लिए ईरान सहित अन्य देशों से सेब के आयात पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है। ठाकुर ने कहा कि निजी कंपनियों और मंडियों में बागवानों के शोषण को रोकने के लिए सरकार प्रभावी कदम उठाए। सेब भंडारण की उपयोगिता को समझते प्रदेश सरकार सेब बहुल क्षेत्रों में सरकारी नियंत्रण के सीए स्टोर बनाने की पहल करे। भाजपा सरकार का यदि बागवानों की ज्वंलत समस्याओं के प्रति यही उदासीन रवैया रहा तो कांग्रेस पार्टी जनता के सहयोग से शीघ्र आंदोलन करेगी।
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