इतिहास, संस्कृति और तिब्बत के साथ पारंपरिक व्यापारिक संबंधों को मिलेगा स्थान
एसडीएम की अध्यक्षता में हुई बैठक, कई मुद्दों पर मंथन
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। अंतरराष्ट्रीय लवी मेले के अवसर पर बुशहर क्षेत्र के गौरवशाली इतिहास, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, परंपराओं और विकास यात्रा को दर्शाने वाली स्मारिका प्रकाशित की जाएगी। स्मारिका की विषयवस्तु, डिजाइन, संकलन और प्रकाशन की तैयारियों को लेकर मंगलवार को एसडीएम रामपुर के सभागार में बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता लवी मेला समिति के सचिव एवं एसडीएम रामपुर हर्ष अमरेंद्र सिंह ने की।
बैठक में स्मारिका को ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से समृद्ध बनाने के लिए विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। इसमें बुशहर रियासत के इतिहास, क्षेत्र की सांस्कृतिक परंपराओं, उपलब्धियों और विकास यात्रा से संबंधित लेखों, रचनाओं और ऐतिहासिक सामग्री के संकलन पर विशेष जोर दिया गया। उद्देश्य है कि स्मारिका के माध्यम से बुशहर की विशिष्ट पहचान और विरासत को व्यापक स्तर पर प्रस्तुत किया जा सके।
बैठक में अंतरराष्ट्रीय लवी मेले के ऐतिहासिक महत्व, बुशहर और तिब्बत के बीच रहे पारंपरिक व्यापारिक संबंधों को भी प्रमुखता से शामिल करने पर विचार-विमर्श किया गया। इसके लिए पुरानी तस्वीरों, ऐतिहासिक अभिलेखों और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों को जुटाने की योजना बनाई गई। साथ ही स्मारिका में योगदान देने के लिए प्रख्यात लेखकों, इतिहासकारों, शोधकर्ताओं और अन्य जानकारों की पहचान करने पर भी चर्चा हुई।
स्मारिका के संपादकीय दल के गठन, पृष्ठ सज्जा, डिजाइन, तस्वीरों के चयन, मुद्रण एवं प्रकाशन की प्रक्रिया पर भी विचार किया गया। इसके साथ ही अनुमानित खर्च और निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्य पूरा करने को लेकर भी मंथन हुआ। बैठक में संबंधित अधिकारियों को आवश्यक जानकारी, लेख, तस्वीरें और अन्य उपयोगी सामग्री उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए गए, ताकि स्मारिका को तथ्यपरक और आकर्षक बनाया जा सके।
बैठक में तहसीलदार रामपुर योगेश कुमार, नायब तहसीलदार सुरेश नेगी, नगर परिषद अध्यक्ष करन शर्मा, प्रो. विक्की प्रभात, डॉ. सुंदर सिंह टैगोर, डॉ. अमितेश शर्मा, सरोजना, संतोष कुमार सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।