संवाद न्यूज एजेंसी
सांगला (किन्नौर)। जिला किन्नौर के निगुलसरी में ऊपरी पहाड़ी से लगातार हो रहे भूस्खलन के कारण हजारों लोग परेशानियां झेल रहे हैं। वहीं, हजारों लोग जान हथेली पर रखकर आवाजाही करने को मजबूर हैं। ऐसे में भूस्खलन की रोकथाम और कोई अप्रिय घटना न हो, इसके लिए बुधवार को निगुलसरी में पूजा-अर्चना की गई।
बुधवार सुबह मां दुर्गा तरांडा निगुलसरी के कुफरंग नामक स्थान पर लाव लश्कर के साथ पहुंचीं। सुबह 9:30 बजे तरांडा मंदिर से ग्रामीणों संग प्रस्थान किया और 10:30 बजे निगुलसरी पहुंची। करीब 11:00 से 11:30 बजे तक माता की पूजा-अर्चना हुई। बता दें कि निगुलसरी 26 सेक्टर में बार-बार भूस्खलन हो रहा है। भूस्खलन और अप्रिय घटना की रोकथाम के लिए ग्रामीणों की अर्जी के बाद तरांडा गांव की आराध्य देवी दुर्गा मां निगुलसरी में पूूजा-अर्चना के लिए पहुंची। जिले के कल्पा, पूह और निचार के ग्रामीणों ने भी पूजा पाठ में हाजिरी भरी। इस दौरान एनएच प्राधिकरण भी शामिल रहा। तरांडा पंचायत प्रधान हरीभगत नेगी, माता दुर्गा तरांडा के मोतमीन शेर सिंह मेहता, मुख्य दलीप नेगी, जय चंद नेगी, पुजारी दारा सिंह नेगी, भंडारी राकेश बिष्ट, विनय सिंह नेगी और कायथ यशपाल नेगी ने कहा कि निगुलसरी में बार-बार हो रहे भूस्खलन की रोकथाम और किसी भी तरह की कोई अप्रिय घटना न हो, इसके लिए देवी माता दुर्गा ने अर्जी के बाद हामी भरी। जिले में सेब सीजन में जोरों पर है। स्थानीय जनता, सेना के जवानों और देश प्रदेश से पहुंचे पर्यटकों सहित अन्य लोगों की सुरक्षा को लेकर निगुलसरी में माता दुर्गा तरांडा के आशीर्वाद से पूजा-अर्चना की गई। विधिवत पूजा-अर्चना पूर्ण की गई, ताकि निगुलसरी में कोई समस्या पेश न आए।