देव आगमन के साथ दलाश में शुरू हुआ ऋषि पंचमी मेला। संवाद
शिव मंदिर से मेला स्थल सोह तक नाचते गाते पहुंचे देवता और देवलु
आराध्य जगेश्वर महादेव, खोडू देवता और कुईकंडा नाग देवता के समक्ष हजारों ने नवाया शीश
संवाद न्यूज एजेंसी
दलाश (कुल्लू)। प्राचीन एवं ऐतिहासिक ऋषि पंचमी मेला देव आगमन के साथ बुधवार को शुरू हुआ। नाचते गाते हुए देवता साहिब और देवलु संग कई लोग मंदिर पहुंचे। पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुनों पर दिनभर लोग खूब झूमे। मेले में इस वर्ष तीन देवी-देवता पहुंचे हैं। आराध्य जगेश्वर महादेव, खोडू देवता और कुईकंडा नाग देवता साहिब के समक्ष हजारों लोगों ने माथा टेका और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त किया। शिव मंदिर से मेला स्थल सोह तक लोगों ने नाचते-गाते हुए देवताओं को पहुंचाया। मेला स्थल पर देवताओं का भव्य मिलन हुआ, जिसके साक्षी हजारों लोग बने। बुधवार से शुरू हुए मेले में पहले दिन पहुंचे लोगों को यहां लोक संस्कृति के बारे में जानकारी मिली। मेले में ढोल-नगाड़ों की थाप पर दिन भर नाटियों का दौर चलता रहा। शाम को देवता साहिब ने मेला स्थल से शिव मंदिर में प्रवेश किया। बुजुर्गों ने पारंपरिक गीतों पर खूब तमाशा किया, जिस पर देवता साहिब जमकर नाचे। इन गीतों पर बुजुर्गों ने मंदिर परिसर में नाटी लगाई। मेला कमेटी के कारदार रमेश वर्मा ने बताया कि मेले का आयोजन कई दशकों से किया जा रहा है। दो दिन तक चलने वाले मेले में हजारों लोग अपनी उपस्थिति दर्ज करके देवी-देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी मेला हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। मेले में पारंपरिक वेशभूषा में सजधज कर नाटी पेश कर संस्कृति संजोने का संदेश दिया जा रहा है।