ग्रामीणों ने तत्काल राहत की उठाई मांग, 3,540 फलदार सेब के पौधों को पहुंचा नुकसान
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संवाद न्यूज एजेंसी निरमंड (कुल्लू)। कुशवा पंचायत के 15/20 क्षेत्र के नोनू गांव में रविवार रात को भूस्खलन ने अफरातफरी मचा दी। हालांकि, इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। कई परिवारों की संपत्ति को भारी नुकसान हुआ है। सूचना मिलते ही प्रशासन और राजस्व की टीम मौके के लिए रवाना हुई। स्थानीय निवासी चरण दास का पूरा बगीचा भूस्खलन की चपेट में आ गया है। उनका शेड और शौचालय भी मलबे में समा गया है। मकान भी खतरे की जद में है। सुरजीत का मकान कभी भी ढह सकता है और राजीव कुमार के मकान के पास भूस्खलन होने से उनका घर खतरे की जद में है। बागवान राजीव कुमार के 3,540 फलदार सेब के पौधे क्षतिग्रस्त हो गए हैं। भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन से कुशवा को जोड़ने वाली मुख्य सड़क कई जगह से बाधित हो गई है। इससे गांव का अन्य क्षेत्रों से संपर्क पूरी तरह कट गया है। प्रशासनिक सहायता का अब भी इंतजार है। स्थानीय निवासी नीलदत्त ने प्रशासन और सरकार से आग्रह किया कि प्रभावित परिवारों को तुरंत सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया जाए और उचित राहत दी जाए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 की समेज बाढ़ के जख्म अभी भरे भी नहीं थे कि अब फिर से गांव संकट में घिर गया है। ग्रामीणों की अपील है कि सरकार जल्द स्थायी समाधान की दिशा में कदम उठाए ताकि इस प्रकार की आपदाओं से भविष्य में बचा जा सके। उधर, एसडीएम निरमंड मनमोहन सिंह ने बताया कि नोनू गांव में भूस्खलन के कारण घरों को नुकसान हुआ है और सेब के पौधे भी नष्ट हुए हैं। राजस्व विभाग की टीम को मौके पर भेजा गया है। नुकसान का आकलन कर प्रभावितों को शीघ्र फौरी राहत प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन हरसंभव सहायता प्रदान करने के लिए तैयार है।
1978 में आई थी भारी त्रासदी
ग्रामीणों ने बताया कि 1978 में भी ऐसी ही त्रासदी ने गांव को झकझोर दिया था। उस दौरान 40 से अधिक लोग मलबे में दब गए थे। अब इतिहास की वही दर्दनाक तस्वीरें फिर से गांववासियों के सामने ताजा हो गई हैं।
कुशवा गांव में भूस्खलन से तबाही घर खतरे में। संवाद