उपचार के लिए 20 से 50 किलोमीटर की दूर की लग रही दौड़
30 बिस्तरों की सुविधा वाले अस्पताल में मरीजों को प्राथमिक उपचार तक की सुविधा नहीं
संवाद न्यूज़ एजेंसी
रामपुर बुशहर। उप तहसील मुख्यालय तकलेच के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है। इस अस्पताल में चिकित्सकों समेत स्टाफ के 17 पद लंबे समय से रिक्त पड़े हैं। आठ पंचायतों के ग्रामीणों को प्राथमिक उपचार के लिए 20 से 50 किलोमीटर दूर जाने को मजबूर होना पड़ रहा है। रामपुर की उप तहसील तकलेच में 30 बिस्तरों की सुविधा वाला अस्पताल तो बना है, लेकिन यहां मरीजों की नब्ज टटोलने वाला कोई नहीं है। अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को यहां से निराश लौटने को मजबूर होना पड़ रहा है। मामूली सी बीमारी के उपचार के लिए भी मरीजों को करीब 50 किलोमीटर दूर रामपुर के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। सीएचसी तकलेच में क्षेत्र की दुर्गम पंचायत काशापाट, मुनिश, देवठी, कूहल, दरकाली, नरैण, बाहली, तकलेच और भड़ावली के ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधाएं मिलती हैं। अस्पताल में चिकित्सक के चार पद, एमओ डेंटल, फार्मासिस्ट, स्टाफ नर्स, ओटी स्टाफ, महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता, सफाई कर्मी, लैब तकनीशियन और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद लंबे समय से रिक्त पड़े हैं। सरकार और स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी को लेकर क्षेत्र में लोगों में रोष पनप रहा है। ग्रामीण इलाकों के लोगों को कब बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी, इसको लेकर ग्रामीणों की चिंता बरकरार है। क्षेत्र के सुरजीत, सनम, अशोक, माइकल, बालक राम, प्रेमराज, देव कुमार, राकेश, सतीश कुमार, प्रेम चौहान, महेंद्र सहित अन्य लोगों ने प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग से तकलेच अस्पताल में स्टाफ की तैनाती कर मरीजों को राहत देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि ग्रामीणों को घरद्वार पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलती हैं, तो उन्हें रामपुर जाकर उपचार नहीं करवाना पड़ेगा।
सीएचसी तकलेच में गानवी से डेपुटेशन पर डॉक्टर भेजकर ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधाएं दी जा रही हैं। रिक्त पदों को लेकर विभागाधिकारियों से पत्राचार किया जा रहा है। उम्मीद है कि जल्द ही सरकार अस्पताल के रिक्त पदों को भरेगी।
-डॉ. गगन शर्मा,
बीएमओ रामपुर