फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तीन साल से हक को तरसे प्रभावित, परियोजना, सरकार और प्रशासन बने मूकदर्शक : सिंघा

विज्ञापन
जिला किन्नौर में बर्फबारी और ग्लेशियर से क्षतिग्रस्त सेब के पेड़ । फाइल फोटो
विज्ञापन
रोजगार, दरारों, प्रदूषण के मुआवजे को तरसे परियोजना प्रभावित
विज्ञापन

परियोजना प्रभावितों की मांगों को लेकर 24 को बिथल में प्रदर्शन करेगी किसान सभा

संवाद न्यूज एजेंसी

रामपुर बुशहर। सतलुज नदी पर निर्माणाधीन लूहरी जल विद्युत परियोजना से प्रभावित पंचायतों के ग्रामीण तीन वर्ष से अपने हक के लिए तरसे हुए हैं, जबकि एसजेवीएन परियोजना प्रबंधन, प्रदेश सरकार और प्रशासन प्रभावितों की मांगों को पूरा करने की बजाय मूकदर्शक बने हुए हैं। किसान सभा प्रभावितों की मांगों को लेकर लगातार आंदोलनरत है। प्रभावितों की मांगों को लेकर 24 अप्रैल को किसान सभा बिथल में विरोध-प्रदर्शन करेगी। हिमाचल किसान सभा लूहरी हाइड्रो परियोजना 210 मेगावाट प्रभावित पंचायत कमेटी की बैठक वीरवार को नीरथ में हुई। बैठक में हिमाचल किसान सभा राज्य सचिव राकेश सिंघा, किसान सभा जिला महासचिव देवकी नंद, जिला अध्यक्ष प्रेम चौहान, किसान सभा लूहरी हाइड्रो प्रोजेक्ट कमेटी की अध्यक्ष कृष्णा राणा, सचिव ओपी चौहान मौजूद रहे।
विज्ञापन

बैठक में उपस्थित सदस्यों को संबोधित करते हुए हिमाचल किसान सभा राज्य सचिव राकेश सिंघा ने कहा कि लूहरी हाइड्रो प्रोजेक्ट प्रभावित किसान अपनी मांगों को लेकर पिछले तीन वर्षों से संघर्ष कर रहे हैं, परंतु सरकार, प्रशासन और सतलुज जल विद्युत निगम किसानों की समस्याओं के समाधान के प्रति गंभीर नहीं है। आज भी कई जगह जहां पर दरारों व प्रदूषण का सर्वे हो चुका है, उसका मुआवजा नहीं दिया है। हालांकि, बाकी जगह तो अभी सर्वे भी नहीं किया गया है और परियोजना प्रभावितों को रोजगार भी नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जो अभी तक हासिल किया है, वह किसानों ने संगठित होकर, किसान सभा का निर्माण कर और संघर्ष करते हुए किया है। उन्होंने कहा कि किसान सभा आने वाले समय में भी प्रभावित पंचायत के किसानों की मांगों को प्रमुखता से उठाती रहेगी। बैठक में तय किया गया कि 24 अप्रैल को प्रभावित पंचायतों के किसानों की मांगों को लेकर बिथल में प्रदर्शन किया जाएगा और मांग पत्र भी दिया जाएगा। इस मौके पर अमित, हरदयाल कपूर, भगवान दास, काकू कश्यप, पदम, रिचा, मनोरमा, जन्मेष, निहाल चंद, जोगिंदर, अमि चंद, गोपी चंद, शुभम, महेंद्र, फूला देवी, शीला देवी, उदय सिंह, सतीश, राम लाल, रणवीर सहित अन्य मौजूद रहे।
विज्ञापन


- संवाद

जिला किन्नौर में बर्फबारी और ग्लेशियर से क्षतिग्रस्त सेब के पेड़ । फाइल फोटो

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें