रामपुर बुशहर। पहाड़ी दरकने से बीते एक सप्ताह से किन्नू-मशनू मार्ग पर किन्नू नाले के समीप अवरुद्ध है। भूस्खलन के कारण यहां सड़क पर भारी मात्रा में मलबा आ गया है। मार्ग पर वाहनों की आवाजाही बाधित होने से क्षेत्र के बागवानों को सेब की करीब 20 हजार सेब पेटियों को मंडियों तक पहुंचाना चुनौती बन गया है। इसके साथ ही लोगों को आवाजाही में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने इसको लेकर लोक निर्माण विभाग की कार्यशैली पर रोष जताया है।
गौरतलब है कि एक सप्ताह पूर्व किन्नू नाले में पहाड़ी दरकने से सड़क पर भारी मलबा और चट्टानें आ गिरी हैं। मगर एक सप्ताह का समय बीतने के बाद भी लोनिवि मार्ग को बहाल करने के लिए कोई सुध नहीं ले रहा है। इससे बागवानों को जहां सेब सीजन में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, वहीं ग्रामीणों की दुश्वारियां भी बढ़ गई है।
युवक मंडल के अध्यक्ष प्रवीण कुमार, रूपलाल, संजीव कुमार, महेंद्र सिंह, सत्या प्रकाश, वेद प्रकाश, अशोक कुमार, रवि, कपिल, मनोज, रिंटू, सूरज और मोनू सहित अन्य लोगों ने बताया कि एक सप्ताह से मार्ग अवरुद्ध है। मार्ग बाधित होने से बागवानों को अतिरिक्त किराया देकर लंबे मार्ग से सेब की फसल को मंडियों तक पहुंचाना पड़ रहा है। क्षेत्र में करीब 20 हजार पेटियों का उत्पादन होता है।
ऐसे में बागवानों को सेब की फसल को मंडियों तक पहुंचाने की चिंता सता रही है। मार्ग बाधित होने से सेब सड़ने का खतरा भी है। इससे क्षेत्र के बागवानों की साल भर की मेहनत पर पानी फिर जाएगा। क्षेत्र के लोगों ने लोक निर्माण विभाग को चेताया कि अगर जल्द मार्ग बहाल नहीं किया गया तो उन्हें सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
लोक निर्माण विभाग सराहन के एसडीओ गोवर्धन शर्मा ने बताया कि सड़क बाधित वाले स्थान पर काम करना काफी खतरनाक है। विभाग की मशीन मौके पर तैनात है। स्थिति सामान्य होते ही मार्ग को बहाल कर दिया जाएगा।