किन्नौर जिले में शादी और मेले के सीजन को देखते हुए पुलिस ने नवंबर तक ड्रिंक एंड ड्राइव रोकथाम और जागरूकता अभियान शुरू किया है। वाहन चालकों की जांच के साथ, स्कूली बच्चों को नशे और साइबर अपराध से संबंधित जानकारी भी दी जा रही है।
शादी और मेले के सीजन को देखते हुए पुलिस नवंबर तक चलाएगी अभियान
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शादी वाले गांव में लगाया जाएगा नाका, लोगों को जागरूक भी किया जाएगा
इस साल 202 ड्रिंक और ड्राइविंग के चालान किए, 172 लाइसेंस को निलंबित करने की सिफारिश
संवाद न्यूज एजेंसी
रिकांगपिओ (किन्नौर)।
किन्नौर जिले में बरात में जाने वाले वाहन चालकों की अल्कोहल सेंसर से जांच की जाएगी। जिले में शादी और मेले के सीजन को देखते हुए पुलिस नवंबर तक विशेष अभियान चलाएगी। शादी वाले गांव में पुलिस नाका लगाएगी। बरात लेकर जाने वाले वाहन चालकों की जांच होगी। इसके अलावा लोगों को ड्रिंक और ड्राइविंग के बारे जागरूक किया जाएगा। पुलिस अधीक्षक अभिषेक शेखर ने बताया कि किन्नौर में शादी और मेलों के सीजन को देखते हुए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगा। शराब पीकर वाहन चलाने पर 10 हजार रुपये के जुर्माने का प्रावधान है। इसके अलावा लाइसेंस को निलंबित भी किया जा सकता है। किन्नौर पुलिस ने इस साल अभी तक ड्रिंक और ड्राइव के 202 चालान किए हैं। इनमें से 172 लाइसेंस को निलंबित करने की सिफारिश भी की गई है। उन्होंने कहा कि स्कूली बच्चों को नशे के दुष्प्रभावों और इसके सामाजिक असर को लेकर जागरूक किया जा रहा है। गांव-गांव जाकर महिला, युवक मंडलों, ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों से सीधा संवाद कर नशे पर रोक लगाने की अपील की जा रही है।
एकलव्य मॉडल आवासीय स्कूल निचार का किया दौरा
इसी कड़ी में पुलिस अधीक्षक अभिषेक शेखर ने एकलव्य मॉडल आवासीय स्कूल निचार का दौरा किया। यहां उन्होंने छात्र-छात्राओं से संवाद स्थापित कर पुलिस अधिकारियों की भूमिका और जिम्मेदारियों की जानकारी दी। साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं को दूर किया। इसके अलावा विद्यार्थियों को साइबर सैल के मुख्य आरक्षी ने साइबर क्राइम के बारे में जानकारी दी और बचाव के तरीके समझाए। इसके अलावा छात्रों को पोक्सो एक्ट, एनडीपीएस एक्ट, अपराध पीड़ितों की सहायता के लिए उपलब्ध ऑनलाइन हेल्पलाइन पोर्टलों, सहायता तंत्र जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी गई। साथ ही छात्रों को एक जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य किशोरों में कानून के प्रति जागरूकता बढ़ाना, उन्हें उनके अधिकारों एवं कर्तव्यों से परिचित कराना और उन्हें अपराध एवं नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना था।