संवाद न्यूज एजेंसी
सांगला (किन्नौर)। किन्नौर जिले की कटगांव और यांगपा पंचायत के ग्रामीण एक वर्ष से श्मशानघाटन के निर्माण का इंतजार कर रहे हैं। बीते वर्ष भावा खड्ड में आई बाढ़ से इन दो पंचायतों के श्मशानघाटन बह गए थे। ग्रामीण लंबे समय से श्मशानघाटन के निर्माण की मांग उठा रहे हैं। बजट के अभाव में चार श्मशानघाट के निर्माण एक साल से लटका हुआ है। गौर हो कि बीते वर्ष जुलाई को भावावैली की भावा खड्ड में बाढ़ आने से कटगांव और यांगपा पंचायत के चार श्मशानघाटन बह गए थे। उसके बाद से ग्रामीण खड्ड किनारे खुले में ही अंतिम संस्कार कर रहे हैं। ऐसे में यदि मौसम खराब हो जाए तो शवदाह करना मुश्किल हो जाता है। बाढ़ की चपेट में कटगांव पंचायत के तहत आने वाले गांव बेई, कॉलोनी क्षेत्र और पारला कटगांव, यांगपा-2 पंचायत का श्मशानघाट पूरी तरह से क्षतिग्रस्त होकर बाढ़ में बह गए थे। भाजपा जिला सचिव देवाचारस नेगी, जिला संयोजक बलवंत सिंह नेगी, मंडल अध्यक्ष निचार मदन नेगी, अजय भंडारी, गुरदीप नेगी सहित अन्य ग्रामीणों ने कहा कि श्मशानघाट न होने से ग्रामीणों को शवदाह करने में दिक्कतें आती हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार, जिला प्रशासन और संबंधित पंचायतों से मांग उठाई है कि जल्द श्मशानघाट का निर्माण किया जाए, ताकि ग्रामीणों को परेशानियां न झेलनी पड़ें।
बजट के लिए लिखा है पत्र
कटगांव पंचायत प्रधान शकुंतला देवी नेगी ने कहा कि पंचायत की ओर से लिखित पत्र भेजकर बजट का प्रावधान करने की मांग उठाई है। बजट की स्वीकृति मिलते ही श्मशानघाट का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
मामला मेरा संज्ञान में नहीं था। श्मशानघाट का निर्माण पंचायत स्तर पर मनरेगा के तहत किया जा सकता है। इसके लिए पंचायत को सख्त निर्देश दिए जाएंगे। जिला प्रशासन की ओर से भी हरसंभव मदद की जाएगी।
डॉ. अमित कुमार शर्मा, उपायुक्त किन्नौर