. नई बनी पंचायत में शामिल होंगे 10 गांव, जल्द शुरू होगा वार्ड बंदी का कार्य
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर।
दशकों से नई पंचायत बनने का इंतजार कर रहे कशोली के ग्रामीणों को राहत मिली है। विकास खंड निरमंड के तहत आने वाली बाड़ी पंचायत से अलग होकर कशोली को नई पंचायत का दर्जा दिया गया है। सरकार की इस अधिसूचना से ग्रामीणों में खुशी की लहर है। अब ग्रामीणों को पंचायत मुख्यालय पहुंचने के लिए करीब 70 किलोमीटर की दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। निरमंड विकास खंड की बाड़ी पंचायत का क्षेत्रफल काफी फैला हुआ है। इसे देखते हुए कशोली के ग्रामीण बीते एक दशक से भी अधिक समय से नई पंचायत बनाने की मांग उठा रहे थे। पूर्व की भाजपा सरकार के कार्यकाल में भी ग्रामीणों ने कशोली को अलग पंचायत बनाने की मांग उठाई थी, लेकिन ग्रामीणों को केवल मायूसी ही हाथ लगी। कशोली सहित साथ लगते करीब 10 गांव के ग्रामीणों को पंचायत मुख्यालय बाड़ी पहुंचने में काफी परेशानी झेलनी पड़ रही थी। ग्रामीणों को अपने कार्य करवाने के लिए रामपुर से वाया निरमंड-अरसू होकर करीब 70 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ रही थी। ग्रामीणों को छोटे मोटे कार्य निपटाने में भी खासी परेशानी झेलनी पड़ रही है, लेकिन अब बाड़ी पंचायत से अलग होकर ग्राम पंचायत कशोली का गठन किया जा रहा है। इसके लिए पंचायती राज विभाग ने अधिसूचना जारी कर दी है। कशोली पंचायत के अधीन बूंग, खदेच, झांगरी, पाली, बासी, कशोली, गड़ेड, बाड़ा, डिमड़ीधार और छोहटू गांव शामिल किए गए हैं। इन गांवों में 1200 से अधिक की आबादी है, जिसे कई वर्षों के इंतजार के बाद राहत मिली है। नई पंचायत बनने के बाद अब जल्द ही वार्ड बंदी का कार्य पूरा किया जाएगा। प्रदेश सरकार ने 81 पंचायतों के गठन को मंजूरी मिली है, जिसमें कुल्लू जिले में चार नई पंचायतें शामिल की गई हैं।
ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री और मिल्कफेड अध्यक्ष का जताया आभार
क्षेत्र के बालक राम जोशी, कमल ठाकुर, वार्ड सदस्य जोगिंद्र, कर्मचंद शुक्ला, तीर्थ राम शुक्ला, रिंकू शुक्ला, सोहन लाल, रूप राम, देविंद्र ठाकुर, देवराज, पूना राम, सालिग राम, भीमू राम, मानदास, तेज राम, यज्ञराम, लाल दास, सती राम, कमलू राम, सरची राम, शिव राम, इंद्र सिंह, चेत राम, श्याम राम, कौंल राम, दिगंबर सहित अन्य ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, हिमाचल प्रदेश मिल्कफेड अध्यक्ष बुद्धि सिंह ठाकुर और पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि नई पंचायत बनने से जहां क्षेत्र में विकास कार्यों को गति मिलेगी, वहीं ग्रामीणों को लंबी दूरी तय करने से हमेशा के लिए निजात मिलेगी। ग्रामीणों में सरकार के इस फैसले गदगद हैं।