संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। सिविल अस्पताल रोहड़ू में स्थान उपलब्ध होने के बाद भी जन औषधी केंद्र नहीं खुल सका है। अस्पताल में उपचार करने के लिए पहुंचने वाले मरीजों को जरूरी दवाइयां बाजार से महंगे दाम पर खरीदना पड़ रही हैं। खासकर, गरीब लोगों को केंद्र सरकार की योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। सिविल अस्पताल रोहड़ू में जन औषधी केंद्र के लिए करीब दो साल पहले रोगी कल्याण समिति की बैठक में स्थान उपलब्ध करवाने का फैसला हो चुका है। पहले इसके लिए कुछ लोग तैयार भी हो चुके थे, लेकिन जन औषधी केंद्र खोलने के लिए किसी ने ऑनलाइन आवेदन और पंजीकरण नहीं करवाया है। जन औषधी केंद्र में मरीजों को बाजार से 70 प्रतिशत कम दाम पर दवाइयां मिलती हैं। अस्पताल से निशुल्क मिलने वाली कई दवाइयां उपलब्ध न होने पर मरीजों को बाहर बाजार से महंगे दाम पर खरीदनी पड़ रही हैं।
लोगों का कहना है कि अस्पताल के आसपास बैठे कुछ बड़े दवाई विक्रेता राजनीतिक दबाव बनाकर रोहड़ू अस्पताल में जन औषधी केंद्र खुलवाने के हक में नहीं हैं। क्योंकि बाजार से 70 प्रतिशत तक कम दाम में लोगों को जन औषधी केंद्र से दवाइयां मिलेंगी। इससे उनका कारोबार प्रभावित होगा।
जन औषधी केंद्र के लिए ऑनलाइन नहीं आए आवेदन
सिविल अस्पताल रोहड़ू में जन औषधी केंद्र खोलने के लिए पहले से पर्याप्त स्थान है। रोगी कल्याण समिति की बैठक में इसको लेकर चर्चा भी की गई। उसके बाद अभी तक कोई ऑनलाइन आवेदन नहीं आए हैं। अब रोगी कल्याण समिति की बैठक में प्रस्ताव रखा जाएगा कि रोगी कल्याण समिति जन औषधी केंद्र का संचालन अब स्वयं करेगी, ताकि गरीब लोगों को इसका लाभ मिल सके।
डाॅ. रविंद्र शर्मा, वरिष्ठ चिकित्सक, सिविल अस्पताल रोहड़ू