संवाद न्यूज एजेंसी
चौपाल (रोहड़ू)।
जल शक्ति विभाग ने क्षेत्र की पंचायतों से पेयजल स्रोतों और पाइपलाइनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सहयोग मांगा है। यह अपील बारिश की कमी और भीषण गर्मी से घटते जलस्तर के मद्देनजर की गई है। विभाग ने पाइपलाइनों को नुकसान पहुंचने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी है। जल शक्ति मंडल नेरवा के अधिशासी अभियंता रजनीश वर्मा ने पंचायत प्रधानों को दिशा-निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी पेयजल स्रोत या विभागीय पाइपलाइन से निजी पाइप लाइन जोड़ना पूरी तरह प्रतिबंधित है। ऐसी गतिविधियों से कई क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति बाधित हो रही है। पंचायतों से इन गतिविधियों पर रोक लगाने में सहयोग का आग्रह किया गया है। विभाग ने यह भी कहा है कि यदि किसी क्षेत्र में सड़क, भवन या अन्य विकास कार्य प्रस्तावित हों। ऐसे में कार्य शुरू करने से पहले जल शक्ति विभाग को सूचित किया जाए। इससे पाइपलाइन को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित कर पेयजल आपूर्ति बाधित होने से बचाया जा सकेगा। बिना पूर्व सूचना पाइप लाइनों को नुकसान पहुंचने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। साथ ही, क्षतिग्रस्त पाइप लाइन की मरम्मत का पूरा खर्च संबंधित व्यक्ति को ही वहन करना होगा।
उबाल कर पिएं पानी
बरसात को देखते हुए विभाग ने लोगों से पेयजल को उबालकर ही इस्तेमाल करने की अपील की है। इससे जलजनित बीमारियों से बचाव हो सकेगा। विभाग ने पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों से जल स्रोतों की सुरक्षा में सक्रिय सहयोग देने का भी आग्रह किया है। जल संरक्षण के प्रयासों में सभी की भागीदारी महत्वपूर्ण है। विभाग ने बिना अनुमति पेयजल स्रोतों या पाइप लाइनों से निजी कनेक्शन जोड़ने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है। ऐसे अवैध कनेक्शनों के कारण कई इलाकों में पानी की आपूर्ति प्रभावित होती है। पंचायतों को ऐसी गतिविधियों पर तुरंत रोक लगाने में विभाग का साथ देना होगा। उल्लंघन करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।