मस्तरंग में छितकुल,रक्षम और बटसेरी के पंचायत जनप्रतिनिधि आईटीबीपी जवानों के साथ।
- फोटो : RAMPUR-HP
सांगला (किन्नौर)। जिले के सीमांत क्षेत्रों की तीन पंचायतों के नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों ने आईटीबीपी से क्षेत्र के युवाओं को आपदा प्रबंधन सहित साहसिक खेलों का प्रशिक्षण देने की मांग उठाई है। भारत-तिब्बत सीमा के साथ लगती छितकुल, रक्षम और बटसेरी पंचायत में गरीबी रेखा से नीचे रह रहे लोगों को खाद्य सामग्री सहित अन्य जरूरत का सामान मुहैया करवाने की भी जनप्रतिनिधियों ने मांग उठाई।
जिले के रक्षम स्थित आईटीबीपी मुख्यालय मस्तरंग में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल की द्वितीय वाहिनी के डिप्टी कमांडेंट जीडी गिरीश चंद्र की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें सीमांत क्षेत्र की छितकुल, रक्षम और बटसेरी पंचायतों के नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में जनप्रतिनिधियों ने आईटीबीपी के अधिकारियों के समक्ष अपनी विभिन्न मांगें उठाईं। उन्होंने जिले की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए आपात के समय आपदा से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन कमेटियों का गठन करने और तीनों पंचायतों के युवाओं को आपदा से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण देने की मांग की।
उन्होंने ग्लेशियर, अग्निकांड और सड़क हादसों सहित अन्य आपदाओं से निपटने के लिए युवाओं को सक्षम बनाने की मांग उठाई। साथ ही आपदा के समय इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरणों और प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण भी युवाओं को देने का मुद्दा उठाया। इसके अलावा गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले ग्रामीणों को खाद्य सामग्री और अन्य आवश्यकता का सामान उपलब्ध करवाने और युवाओं को साहसिक खेलों स्कीइंग, स्नोबोर्डिंग और माउंटेनियरिंग का प्रशिक्षण देने की भी मांग की। बटसेरी पंचायत प्रधान प्रदीप नेगी ने कहा कि स्नोबाउंड क्षेत्रों में डिजास्टर मैनेजमेंट का प्रशिक्षण दिया जाना बेहद जरूरी है।
इस मौके पर सहायक सेनानी जीडी नासिर अली, प्रधान छितकुल सुभाष नेगी, उपप्रधान रक्षम खजान सिंह नेगी, उपप्रधान बटसेरी चंद्रिका नेगी, पंचायत सचिव वीरेंद्र नेगी सहित अन्य मौजूद रहे।