सांगला (किन्नौर)। हिमाचल प्रदेश में जबसे सुक्खू सरकार बनी है, तबसे लेकर किन्नौर जिले में अवैध खनन चरम पर है। सुक्खू सरकार के राज में बीते दो वर्षों से किन्नौर जिले में खनन माफिया के हौसले बुलंद है। शुक्रवार को भाजपा युवा मोर्चा के पूर्व जिला अध्यक्ष हाकिम नेगी ने कहा कि किन्नौर जिले के भावानगर से लेकर पूह तक अवैध खनन हो रहा है। कड़छम से लेकर किल्बा के बीच रेता खान में अवैध खनन धड़ल्ले से हो रहा है। सतलुज नदी को छलनी किया जा रहा है, जबकि कड़छम से दो किलोमीटर दूर पुलिस चौकी है। पुलिस के नाक के नीचे अवैध खनन हो रहा है। खनन माफिया दिन-रात बड़ी-बड़ी मशीनें लगाकर अवैध खनन कर रहा है और पुलिस मूकदर्शक बनकर बैठी हुई है। उन्होंने कहा कि अवैध खनन मामले को लेकर समय-समय पर माइनिंग अफसर, वन विभाग को भी पत्र लिखा, लेकिन दो वर्ष से कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इसके अलावा एसडीएम से भी पत्राचार किया। इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। बीते माह आठ तारीख को एसपी किन्नौर को भी अवैध खनन को लेकर पत्र लिखा और स्वयं भी मिला, लेकिन आज तक समस्या जस की तस बनी हुई है। उन्होंने सरकार से मांग उठाई है कि सतलुज नदी पर हो रहे अवैध खनन पर तुरंत रोक लगाई जाए और कड़ी कार्रवाई की जाए।
किल्बा में जो रेता खान की एफसीए 2027 तक स्वीकृति मिली है। रेता खान में जेसीबी मशीन चलाई जा सकती है, लेकिन बड़ी चेन वाली बड़ी मशीन नहीं चलाई जा सकती है। इस मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी।
- अरविंद कुमार, डीएफओ किन्नौर