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Rampur Bushahar News: हिमसेव एप से सुरक्षित रहेगा बागवानों का सेब, चोरी और धोखाधड़ी रख सकेंगे नजर

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किन्नौर में पेड़ पर लगे सेब
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प्रशासन ने सेब सीजन के लिए वाहनों और पेटियों के प्रबंधन के लिए शुरू किया एप
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संवाद न्यूज एजेंसी

रिकांगपिओ (किन्नौर)। किन्नौर के बागवानों को सेब की चोरी और धोखाधड़ी से निजात पाने में हिमसेव एप पोर्टल वरदान साबित होगा। प्रशासन ने सेब सीजन शुरू होने के साथ ही वाहनों और पेटियों के प्रबंधन के लिए हिमसेव ऐप पोर्टल का उपयोग करने का निर्णय लिया है।
हिमसेव एप पोर्टल के उपयोग से सेब सीजन के दौरान पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। रिकांगपिओ में डिजिटल प्रौद्योगिकी और शासन विभाग की ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर शबनम मेहता ने बीते दिनों पुलिस और बागबानी विभाग के अधिकारियों को इस एप के उपयोग का प्रशिक्षण दिया था। शबनम मेहता ने बताया कि इस एप के जरिये सेब को मंडियों में भेजने के दौरान नजर रखी जा सकेगी, ताकि रास्तों में चोरी की घटना न हो। साथ ही धोखाधड़ी आदि के मामलों को कम करने में यह एप सहायक होगा।
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डिजिटल प्रौद्योगिकी और शासन विभाग की ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर शबनम मेहता ने बताया कि इस एप के उपयोग करने से जिलेभर में विभिन्न नियंत्रण कक्षों-बैरियरों पर ट्रकों की आवाजाही को ट्रैक किया जा सकता है। इसी तरह सेब उत्पादन का अनुमान भी लगाया जा सकता है। सेब सीजन के दौरान वाहनों की आवाजाही की निगरानी रखने में आसानी होगी।
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इस तरह एप में दर्ज होगा ब्याेरा
सबसे पहले पुलिस एप का उपयोग कार चालक का लाइसेंस, गाड़ी रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट और चालक की फोटो की तस्वीर एप में अपलोड करेगी। साथ ही गाड़ी का नंबर, लाइसेंस नंबर और मालिक का नाम भी दर्ज किया जाएगा। पुलिस की ओर से जानकारी अपलोड करने के बाद बागवानी विभाग की ओर से चालक के लिए एक आईडी कोड जनरेट किया जाएगा। इस आईडी कोड में क्यूआर कोड होगा और यहां गाड़ी के अनुसार शुल्क लिया जाएगा। पिकअप से 100 रुपये, ट्रक 6 टायर वाले से ढाई सौ, ट्रॉला 6 टायर से अधिक से 500 रुपये भुगतान के बाद चालक को आईडी कार्ड का प्रिंट आउट प्रदान किया जाएगा।
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