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Rampur Bushahar News: छह साल से स्वास्थ्य सुविधाओं को तरसे दो पंचायताें के हजारों ग्रामीण

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ननखड़ी के स्वास्थ्य केंद्र ज्वालडा में छह साल से डॉक्टर और फार्मासिस्ट के पद पड़े रिक्त, मरीज झ
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चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के सहारे चल रहा स्वास्थ्य केंद्र ज्वालडा
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प्राथमिक उपचार के लिए भी लग रही 50 किलोमीटर दूर रामपुर की दौड़
स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक और फार्मासिस्ट के पद पड़े रिक्त
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। सरकार और आयुर्वेदिक विभाग की अनदेखी का दंश ग्रामीण इलाकों के हजारों मरीज झेल रहे हैं। ननखड़ी के ग्रामीण क्षेत्र ज्वालडा स्थित स्वास्थ्य केंद्र में छह साल से स्वास्थ्य सेवाएं ठप पड़ी हैं। हाल यह है कि ग्रामीण प्राथमिक उपचार के लिए भी 50 किलोमीटर का सफर करने को मजबूर हैं। सरकार की अनदेखी के चलते ग्रामीणों को घरद्वार पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित रहना पड़ रहा है। रामपुर उपमंडल के दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करवाने के लिए स्वास्थ्य केंद्र तो खोले गए, लेकिन स्टाफ की तैनाती न होने से कई केंद्रों में ताले लटके, तो कई केंद्र चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के हवाले हैं। ज्वालडा के आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र में छह साल से न चिकित्सक और न ही फार्मासिस्ट है। कई साल से स्वास्थ्य केंद्र चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के सहारे चल रहा है। मरीजों को प्राथमिक उपचार के लिए 50 किलोमीटर दूर रामपुर और 10 किलोमीटर दूर ननखड़ी या निजी अस्पतालों में अधिक पैसे खर्च कर उपचार करवाना पड़ रहा है। स्वास्थ्य केंद्र ज्वालडा से दो पंचायतों के नगालनी, बगलती, अड्डू, चेड़वी, दनावली, मोहाली और खमोटी सहित अन्य गांव के हजारों लोग लाभान्वित होते हैं। रामपुर आयुर्वेदिक विभाग के स्वास्थ्य केंद्रों में स्टाफ की खासी कमी चल रही है। चिकित्सकों सहित स्वास्थ्य कर्मियों के पद रिक्त होने से ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाएं चरमरा गई हैं और ग्रामीणों को इन स्वास्थ्य केंद्रों का लाभ नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों को खांसी, जुकाम और मामूली सी बीमारी के उपचार के लिए भी रामपुर का रुख करना पड़ रहा है।
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जल्द भरे जाएं रिक्त पद
क्षेत्र के पर्यावरण, शिक्षा एवं विकास संस्थान के अध्यक्ष राजेश खुंद, नारायण, संजीव, गगन ठाकुर, लव और सुलाक्ष ने कहा कि आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र में स्टाफ न होने के कारण मरीजों को दिक्कत पेश आ रही हैं। मरीजों को उपचार के लिए कई किलोमीटर का सफर तय करना पड़ रहा है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से स्वास्थ्य केंद्रों में जल्द स्टाफ की तैनाती करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि स्टाफ होने से मरीजों को घरद्वार पर ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल पाएगा।
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