ग्रीनको कंपनी के सात कर्मी लापता, परियोजना प्रबंधन मशीन लगाने के लिए कर रहा बैठकें
मौके पर कंपनी की ओर से नहीं हुआ कोई भी राहत कार्य शुरू, ग्रामीणों ने जताया रोष
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। समेज कस्बे में आई बाढ़ की चपेट में 14 मेगावाट की ग्रीनको परियोजना तबाह हो गई है। बाढ़ की चपेट में आने से परियोजना के सात कर्मचारी भी लापता हुए हैं। बाढ़ के तीन दिन बीत जाने के बाद भी परियोजना प्रबंधन द्वारा यहां तैनात कर्मचारियों को तलाशने के लिए कोई प्रबंध नहीं किए गए हैं। ऐसे में जो कर्मचारी लापता हैं, उनके परिजनों में परियोजना के खिलाफ खासा रोष है।
गौर रहे कि समेज कस्बे में पसरा मलबा केवल मशीनों से ही हटाया जा सकता है। जिस तरह की स्थिति यहां बनी है, उससे साफ होता है कि यहां पर केवल मशीनों द्वारा ही काम कर लापता लोगों की तलाश की जा सकती है। बीते दो दिन से यहां पर एकमात्र मशीन काम कर रही है, जबकि हजारों लोगों के पास यहां पर तबाही देखने के सिवाय और कोई चारा नहीं है। बात करें ग्रीनको प्रबंधन की तो उनका कहना है कि मौके पर एनडीआरएफ व अन्य टीमें तलाश में जुटी हैं, ऐसे में वे इस ऑपरेशन के बीच में अपनी मशीनों को नहीं लगा सकते। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि जिस परियोजना के सात कर्मचारी लापता हैं, वह उन्हें तलाशने के लिए कोई प्रयास क्यों नहीं कर रही। ग्रामीणों का कहना है यहां त्वरित कार्रवाई कर तीन से चार मशीनें लगनी चाहिए थी, ताकि लापता लोगों की तलाश की जा सके, लेकिन तीन दिन बीतने के बाद भी मौके पर एकमात्र मशीन से काम चलाया जा रहा है।
उधर, ग्रीनको पावर प्रोजेक्ट के प्रबंधक संजय ठाकुर ने कहा कि घटनास्थल का दौरा किया गया है। मशीनरी लगाने के लिए प्रशासन की तरफ से कोई आदेश नहीं है। कंपनी के उच्चाधिकारियों के साथ बैठक की जा रही है।