बोले, सरकार हस्तक्षेप कर मिल्फफेड को दे निर्देश
दुग्ध एकत्रीकरण कर रही समितियों के सचिव कर रहे दुग्ध उत्पादकों से वसूली
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। प्रदेश सरकार हजारों दुग्ध उत्पादकों को दिवाली से पहले दूध का भुगतान करवाए, ताकि दीपावली पर्व फीका न पड़े। दो माह से दूध की अदायगी न होने के कारण प्रदेश के हजारों दुग्ध उत्पादक परेशान हैं। शनिवार को बुशहर दुग्ध उत्पादक यूनियन रामपुर के अध्यक्ष बिहारी सेवगी ने प्रेस वार्ता के दौरान यह बात कही।
उन्होंने बताया कि मिल्कफेड ने दो माह से हजारों दुग्ध उत्पादकों का भुगतान लंबित रखा है। सरकार को चाहिए कि वह हस्तक्षेप कर दिवाली से पहले बकाया दूध की राशि जारी करवाए। उन्होंने कहा कि मिल्कफेड चिलिंग प्लांट दत्तनगर प्रदेश का सबसे बड़ा दुग्ध एकत्रीकरण केंद्र है, इसके बावजूद दुग्ध उत्पादकों को समय पर भुगतान नहीं मिल रहा है।
इस देरी के कारण दुग्ध उत्पादकों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बिहारी सेवगी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने 15 नवंबर 2024 को दत्तनगर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान घोषणा की थी कि दुग्ध उत्पादकों को हर माह की 10 तारीख से पहले उनके दूध का भुगतान किया जाएगा, लेकिन मिल्कफेड ने दो माह से भुगतान नहीं किया है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दुग्ध एकत्रीकरण में लगी सहकारी समितियों के सचिव दुग्ध उत्पादकों से अतिरिक्त वसूली कर रहे हैं। जबकि मिल्कफेड समितियों को पहले ही पांच प्रतिशत कमीशन और वाहन किराये की सुविधा प्रदान करता है। बिहारी सेवगी ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के बावजूद दूध की मात्रा और गुणवत्ता जांचने के लिए आधुनिक उपकरण अभी तक उपलब्ध नहीं करवाए गए हैं। इस कारण दुग्ध उत्पादकों में रोष व्याप्त है। उन्होंने सरकार से मांग की कि दिवाली से पहले दुग्ध उत्पादकों को बकाया भुगतान जारी किया जाए। इस अवसर पर वीरेंद्र भलूनी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।