. पशुपालक को एक लाख रुपये का नुकसान
. प्रशासन से तत्काल दवाइयां उपलब्ध कराने और बीमारी पर नियंत्रण पाने की मांग की
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू।
डोडरा क्वार क्षेत्र के मांझी वन में निमोनिया के संक्रमण से 35 बकरियों की मौत हो गई है। पशुपालक प्रताप चौहान ने प्रशासन से तत्काल दवाइयां उपलब्ध कराने और बीमारी पर नियंत्रण पाने की मांग की है। इस बीमारी से पशुपालक को करीब एक लाख रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है। सेवानिवृत्त खंड विकास अधिकारी प्रताप चौहान ने एसडीएम को पत्र लिखा है। उन्होंने बताया कि बीमारी के कारण उनकी करीब 35 बकरियों की मौत हुई है। दो बकरियां अभी भी बीमारी से पीड़ित हैं। पशुपालक ने प्रशासन और पशुपालन विभाग से प्रभावित क्षेत्र में आवश्यक दवाइयां उपलब्ध करवाने की मांग की है। उन्होंने बीमारी को नियंत्रित करने के लिए तत्काल कदम उठाने का आग्रह किया है। प्रताप चौहान ने पशुओं के उपचार पर अपनी ओर से करीब 18 से 20 हजार रुपये की दवाइयां खरीदीं। इसके बावजूद कई बकरियों को बचाया नहीं जा सका। उन्होंने आशंका जताई है कि समय पर उपचार न मिलने पर अन्य बकरियां भी बीमारी की चपेट में आ सकती हैं। मामले की सूचना मिलने के बाद पशुपालन विभाग ने मृत बकरियों के नमूने जांच के लिए शिमला भेजे। वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी रवींद्र कुमार ने बताया कि जांच रिपोर्ट में बकरियों में निमोनिया की पुष्टि हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि विभाग के पास अभी तक सटीक जानकारी उपलब्ध नहीं है कि कितनी बकरियों की मौत हुई है। आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता के लिए शिमला स्थित पशुपालन निदेशालय को सूचित किया गया है। विभाग ने पशुपालकों को यहां उपलब्ध दवाइयां दी हैं।
इनसेट बीमारी फैलने का कारण और बचाव के उपाय
रवींद्र कुमार ने बताया कि पशुपालकों द्वारा समय पर बकरियों की डी-वॉर्मिंग नहीं करवाने के कारण भी बीमारी का संक्रमण फैला है। उन्होंने कहा कि विभाग बीमारी को नियंत्रित करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। जैसे ही आवश्यक दवाइयां उपलब्ध होंगी, बीमार बकरियों का उपचार शुरू कर दिया जाएगा। विभाग ने पशुपालकों से पशुओं की नियमित निगरानी करने और समय पर डी-वॉर्मिंग करवाने का आग्रह किया है।