सर्वोच्च न्यायालय ने सभी जिलों में एक समर्पित हाईवे सुरक्षा कार्यबल के गठन का दिया है निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
रिकांगपिओ(किन्नौर)। सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद किन्नौर जिले में जिला हाईवे सुरक्षा कार्यबल का गठन किया गया है। उपायुक्त अमित कुमार शर्मा ने तत्काल प्रभाव से इस कार्यबल का गठन किया है। यह कार्यबल राष्ट्रीय राजमार्गों पर सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए काम करेगा। सर्वोच्च न्यायालय ने फलोदी दुर्घटना से संबंधित एक याचिका में राष्ट्रीय राजमार्गों पर सुरक्षित मार्ग के अधिकार को संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के अधिकार का एक मौलिक पहलू घोषित किया है। शीर्ष अदालत ने अनुच्छेद-142 के तहत अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह आदेश दिया। न्यायालय ने सभी जिलों में एक समर्पित जिला हाईवे सुरक्षा कार्यबल के तत्काल गठन का निर्देश दिया था। इसका उद्देश्य राजमार्गों पर अतिक्रमण हटाना, दुर्घटना संभावित स्थानों को खत्म करना और अनधिकृत पार्किंग को रोकना है। उपायुक्त अमित कुमार शर्मा ने इस आदेश के अनुपालन में किन्नौर जिले के लिए कार्यबल का गठन किया है। उपायुक्त इस कार्यबल के अध्यक्ष होंगे। पुलिस अधीक्षक सह-अध्यक्ष की भूमिका निभाएंगे। इसमें विभिन्न विभागों के अधिकारी सदस्य के रूप में शामिल किए गए हैं। कार्यबल में कुल 13 सदस्य शामिल किए गए हैं। जिलाधिकारी इसके अध्यक्ष और पुलिस अधीक्षक सह-अध्यक्ष होंगे। उपमंडलाधिकारी, अधिशासी अभियंता, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी और क्षेत्रीय प्रबंधक जैसे अधिकारी भी इसमें शामिल हैं। ट्रक ऑपरेटर यूनियन के अध्यक्ष को भी कार्यबल का सदस्य बनाया गया है। यह बहु-विभागीय संरचना प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करेगी।
कार्यबल के यह होंगे मुख्य कार्य
कार्यबल हर पखवाड़े कम से कम एक बार बैठक करेगा। इसका मुख्य कार्य राजमार्ग सुरक्षा की स्थिति की समीक्षा करना है। यह अतिक्रमण हटाने, यातायात विनियमन और सड़क बुनियादी ढांचे की सुरक्षा जैसे उपायों को लागू करेगा। कार्यबल दुर्घटना संभावित स्थानों और अवैध पार्किंग की पहचान कर उपचारात्मक उपाय सुझाएगा। आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र की उपलब्धता और प्रभावशीलता की भी समीक्षा की जाएगी।