कोटगढ के जनप्रतिनिधि एसजेवीएनएल लूहरी एजीएम बलजीत को ज्ञापन सौपते हुए
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कुमारसैन (रामपुर बुशहर)। रामपुर, कुमारसैन और आनी उपमंडल के बीच निर्माणाधीन एसजेवीएन की लुहरी जल विद्युत परियोजना में हो रही ब्लास्टिंग से सेब सहित अन्य नकदी फसलों पर खतरा मंडरा रहा है। परियोजना के निर्माणाधीन बांध स्थल में हो रही अंधाधुंध ब्लास्टिंग से इन ीनों उपमंडलों के हजारों किसान और बागवान परेशानियों के दौर से गुजर रहे हैं। ब्लास्टिंग से प्रभावित पंचायतों के जनप्रतिनिधियों ने परियोजना प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर ब्लास्टिंग रोकने की मांग की है। इसके साथ ही चेताया है कि अगर दो दिन के भीतर ब्लास्टिंग नहीं रुकी तो प्रभावित क्षेत्रों के हजारों लोग सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
कोटगढ़ क्षेत्र की विभिन्न पंचायतों के जनप्रतिनिधियों ने सोमवार को एसजेवीएन प्रबंधन और तहसीलदार कुमारसैन डॉ. कंचन को ज्ञापन सौंपा। इसके माध्यम से जनप्रतिनिधियों ने कहा कि परियोजना निर्माण के दौरान हो रही ब्लास्टिंग से काफी अधिक मात्रा में धूल उड़ रही है। इस कारण सेब सहित अन्य स्टोन फ्रूटों की फ्लावरिंग प्रभावित हो रही है। अगर आलम यूं ही रहा तो बागवानों को करोड़ों का नुकसान झेलना पड़ेगा।
थानाधार पंचायत प्रधान संदीप शरोल, उपप्रधान शीतल जिष्टू, भुट्टी प्रधान शशि भलैक, उपप्रधान हरिओम, दलान प्रधान रविंद्र सरकैक, प्रधान शमाथला राजीव चौहान, उपप्रधान काकू राम, किरटी प्रधान दिनेश ठाकुर, कोटगढ़ प्रधान स्वर्णचांद भारद्वाज, मैलन प्रधान कमला ठाकुर, मंगसू प्रधान सुनील चौहान सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने कहा कि राष्ट्रीय उच्च मार्ग पांच में नीरथ के पास सतलुज विद्युत निगम लिमिटेड की ब्लास्टिंग से बड़ी मात्रा में धूल उड़ रही है।
इससे क्षेत्र में प्रदूषण बढ़ गया है। क्षेत्र में इन दिनों सेब और अन्य स्टोन फ्रूटों में फ्लावरिंग हो रही है। इस वजह से धूल के कारण बागवानों की साल भर की फसल बर्बाद होने की कगार पर है। उन्होंने प्रशासन और परियोजना प्रबंधन से निवेदन किया कि जब तक सेब और स्टोन फ्रूट की फ्लावरिंग पूरी नहीं होती, तब तक ब्लास्टिंग न की जाए। उन्होंने चेताया कि अगर दो दिन में ब्लास्टिंग नहीं रोकी गई तो क्षेत्र के जनप्रतिनिधि और जनता परियोजना प्रबंधन और प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल देंगे।
तहसीलदार कुमारसैन डॉ. कंचन ने कहा कि मसले को लेकर एसजेवीएन प्रबंधन से आग्रह किया जाएगा कि फ्लावरिंग का दौर थमने तक ब्लास्टिंग न की जाए। अगर ब्लास्टिंग नहीं रुकती तो मामले को उच्चाधिकारियों के समक्ष उठाया जाएगा।