सड़कें बहाल नहीं कर पाया लोक निर्माण विभाग, दस हजार की आबादी परेशानी झेलने को मजबूर
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सड़कें बहाल न होने से ठप पड़ी परिवहन निगम की बस सेवाएं
राकेश बिनी शर्मा
निरमंड (कुल्लू)। उपमंडल निरमंड में बरसात के दौरान आपदा से सड़कों को भारी नुकसान पहुंचा था। बरसात के पांच महीने बाद भी क्षेत्र में यातायात व्यवस्था पटरी पर नहीं लौट पाई है। इससे करीब दस हजार आबादी आवाजाही करने में परेशानी झेल रही है। उपमंडल की चार मुख्य सड़कें सितंबर से यातायात के लिए अवरुद्ध पड़ी हैं। सड़कें बहाल न होने से हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) निगम की बस सेवाएं भी ठप पड़ी हैं। ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार और लोक निर्माण विभाग से जल्द सड़कों को बहाल करने की मांग उठाई है। दुर्गम क्षेत्र कंडा कतमोर, केदस, ठारला और सरपारा पंचायत को जोड़ने वाली सड़कों पर पांच महीने बाद भी लोक निर्माण विभाग बहाल नहीं कर पाया है। सरपारा पंचायत का संपर्क तो पूरी तरह से कटा हुआ है। इस कारण केदस गांव की करीब दो हजार, सरपारा की करीब तीन हजार, ठारला की तीन हजार और कंडा कतमोर की करीब 1500 की आबादी सड़क सुविधा की समस्या से जूझ रही है। सड़कें बहाल न होने के कारण परिवहन निगम प्रबंधन भी बस सेवाएं नहीं चला रहा है। चायल पंचायत प्रधान सुषमा, उप प्रधान ओम प्रकाश, पूर्व प्रधान विदेश निगम, मदन, चंद्रेश, अनिल, स्वरूप चंद, संजीव, विपिन और पप्पू ने कहा कि लंबे समय से सड़कें बहाल नहीं हो पाई हैं। हजारों ग्रामीण, स्कूली बच्चे, किसान बागवान कई माह से परेशानी झेल रहे हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार और लोक निर्माण विभाग से जल्द सड़कें बहाल करने की मांग उठाई है।