सांगला (किन्नौर)। जनजातीय जिला किन्नौर के अति दुर्गम क्षेत्र में रामनी पंचायत में बुधवार को हुए अग्निकांड ने सात परिवारों को कभी न भूलने वाले जख्म दिए हैं। लोगों की आंखों के सामने ही उनके उम्र भर कमाई और आशियानें जलकर राख हो गए। मगर वह चाहकर भी कुछ नहीं कर पाए। हालांकि इस दौरान लोगों ने पावर स्प्रेयर और बाल्टियों में पानी भरकर आग को बुझाने का प्रयास किया। मगर आग इतनी अधिक फैल चुकी थी कि उस पर काबू नहीं पाया जा सका। अगर गांव के लिए एक किलोमीटर सड़क का निर्माण हो गया होता तो शायद इस हादसे में हुए नुकसान को कम किया जा सकता था। सड़क नहीं होने के कारण दमकल वाहन घटना स्थल तक नहीं पहुंच सके। घटना के बाद ग्रामीण बुरी तरह से सहमे हुए हैं और देर रात तक आग पर काबू पाने की कोशिश जारी थी।
जानकारी के अनुसार बुधवार दोपहर करीब 2:30 बजे रामनी गांव में कृष्ण कुमार नेगी के तीन मंजिला लकड़ी के मकान में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते 13 कमरों का मकान जलकर राख हो गया। हवाओं के साथ उठी तेज लपटों ने साथ लगते 6 घरों को भी चपेट में ले लिया।
इसमें जनकराज नेगी का तीन मंजिला मकान, विनोद कुमार नेगी का दो मंजिला, सतीश कुमार नेगी का दो मंजिला, गंभीर सिंह नेगी का तीन मंजिला, केदाराम नेगी और केशव नेगी का दो मंजिला मकान भी जलकर राख हो गए हैं। सूचना मिलते ही पुलिस थाना टापरी, भावानगर रिकांगपिओ से विशेष टीम मौके पर पहुंची। इसके बाद जिला आपदा प्रबंधन की टीम और रामनी, जानी गांव के लोग आग बुझाने में जुटे रहे। खबर लिखे जाने तक आग बुझाने की कोशिश जारी थी।
घटना में सात परिवारों के 46 सदस्यों के सिर से छत छिन गई है। प्रशासन पीड़ितों के ठहरने और खाने-पीने की व्यवस्था कर रहा है। एसडीएम भावानगर मनमोहन सिंह, डीएसपी भावानगर राजू, नायब तहसीलदार टापरी नानक चंद नेगी, थाना प्रभारी किरण कुमारी मौके पर मौजूद रहे। ग्राम पंचायत रामनी उपप्रधान अनिल नेगी ने सरकार और जिला प्रशासन से पीड़ितों को हर संभव मदद देने की गुहार लगाई है।