नित्थर (कुल्लू)। नित्थर में भारी बर्फबारी बागवानी के लिए वरदान साबित मानी जा रही है। बागवानों के अनुसार पौष माह का हिमपात पेड़ों में खाद का काम करता है और कीटों के हमलों से बचाव करता है। हाल ही में हुई बर्फबारी और बारिश से पारा काफी लुढ़क गया है।
नित्थर के चेबड़ी, घरोली, झल्ली, ढमहा, एडशी, तांदी, पलेही, कुठेड़, कटार, दुराह, लोट, शारवी और क्लोग में भारी बर्फबारी होने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। वहीं, अगर बागवानी की दृष्टि से देखा जाए तो यह बर्फबारी और बारिश किसी संजीवनी से कम नहीं है। बर्फबारी से बागवानों के चेहरे खिल उठे हैं। लंबे समय से सूखे की मार से निजात मिली है।
सेब के पेड़ों में लगने वाले रोगों से भी बचाव होगा और बर्फबारी पेड़ों के लिए खाद का काम करेगी। मौसम खुलने के बाद अब नए सेब के पौधे लगाने का कार्य रफ्तार पकड़ेगा। अब नए पौधों को लगाने के लिए जमीन में पर्याप्त मात्रा में नमी मौजूद है। कुठेड़ क्षेत्र के बागवान दलीप ठाकुर, सतपाल ठाकुर और सैम ठाकुर का कहना है कि बर्फबारी और बारिश से बागवानी को संजीवनी मिलेगी। अब नए पौधों को लगाने का कार्य शुरू किया जाएगा।