सांगला (किन्नौर)। जिला स्तरीय सात दिवसीय रिब्बा के फुल्याज मेले का शनिवार को पारंपरिक तरीके से आगाज हुआ। उपायुक्त किन्नौर आबिद हुसैन सादिक ने मेले का शुभारंभ किया। उन्होंने फुल्याज मेले की सभी जिलावासियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह खुशी की बात है कि यहां के लोग सदियों से चली आ रही फुल्याज मेले की परंपराओं का पूर्व आज भी निर्वहन कर रहे हैं, जो हम सभी के लिए गर्व का विषय है।
उन्होंने कहा कि किन्नौर जिला अपनी समृद्ध संस्कृति, रीति-रिवाज, त्योहार और वेशभूषा के लिए न केवल प्रदेश, बल्कि देश और विदेश में भी जाना जाता है। इससे जिले की अलग पहचान है। सदियों से यहां की समृद्ध संस्कृति रीति-रिवाजों से रूबरू होने के लिए यहां देश-विदेश के पर्यटक और स्कॉलर आते हैं। ऐसे में हम सबका का भी दायित्व बनता है कि हम अपनी समृद्ध-संस्कृति के संरक्षण के लिए आगे आएं।
उपायुक्त ने कहा कि फुल्याज उत्सव अपने आप में एक अनोखा पर्व है, जिसे सभी ग्रामवासी आपसी मेल-मिलाप से अपने गांव से करीब 8 किलोमीटर ऊंचाई पर स्थित शरपो-सनतंग में मनाते हैं। इस दौरान सभी स्थानीय लोग जहां स्थानीय देवता कासूराज महाराज की पूजा-अर्चना करते हैं, वहीं संगीत और नाच-गाने का भी देर रात तक दौर चलता है। देव पूजा के लिए ऊंची पहाड़ियों कैलाश पर्वत के आंचल से स्थानीय लोग ब्रह्म कमल और गूगल धूप लाते है।
ब्रह्म कमल और धूप लेकर वापस आए श्रृद्धालुओं और स्थानीय देवता कासूराज महाराज के मिलन का दृश्य अपने आप में अद्भुत होता है और सभी को मोहित करता है। रिब्बा पंचायत प्रधान राधिका नेगी ने मुख्यातिथि का स्वागत किया और क्षेत्र से संबंधित विभिन्न मांगों को भी उनके समक्ष रखा।
उन्होंने रिब्बा में पार्किंग समस्या दूर करने, सीए स्टोर का निर्माण, खेलकूद मैदान और पुल के साथ दीवार लगाने सहित कई अन्य मांगें मुख्यातिथि के समक्ष रखीं। इस मौके पर एसडीएम कल्पा स्वाति डोगरा, तहसीलदार कल्पा विवेक नेगी, तहसीलदार मूरंग विनोद कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सोनम नेगी, जिला परिषद सदस्य प्रिया नेगी, पंचायत समिति सदस्य प्रतिभा नेगी, कृष्ण भगत, रतन मंजरी, युद्धिष्ठर नेगी, विपिन नेगी और प्रेम प्रकाश सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।