देवता बनाड़, देवता देशमोलिया, देवता पवासी और देवता गुडारू मेले में हुए शरीक
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। शराचली क्षेत्र का पारंपरिक जिला स्तरीय राथल मेला शनिवार को देवताओं के आगमन के साथ आरंभ हो गया। यह दो दिवसीय मेला रविवार को देवताओं की विदाई के साथ संपन्न होगा। इसमें देवता बनाड़, देवता देशमोलिया, देवता पवासी और देवता गुडारू शामिल हुए हैं। मेले के शुभारंभ पर देवताओं का मिलन मुख्य आकर्षण रहा। देवताओं के साथ आए देवलुओं ने वाद्य यंत्रों की धुन पर जमकर नृत्य किया। देवताओं का आगमन दोपहर बाद तीन बजे हुआ। इसके बाद से नृत्य का दौर लगातार चलता रहा। मेले का आयोजन शराचली क्षेत्र के लोगों की ओर से पारंपरिक रूप से किया जाता है। नवयुवक मंडल भोलाड़ की ओर से वॉलीबाल प्रतियोगिता का आयोजन भी किया जा रहा है।
देवता देशमोलिया के वजीर सुरेंद्र पनाटू ने बताया कि मेले का आयोजन पारंपरिक रूप से किया जा रहा है। क्षेत्र की खुशहाली के लिए सभी मिलकर मेले का आयोजन करते हैं। राथल मेला शराचली क्षेत्र की एक पुरानी परंपरा है। यह मेला स्थानीय संस्कृति और आस्था का प्रतीक है।