डॉ अविनाश नेगी 89 वर्षीय पुरुष रंगरिक नलजोर का आँख का चेकअप करते
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रिकांगपिओ (किन्नौर)। रिकांगपिओ अस्पताल में नेत्र विशेषज्ञ डॉ. अविनाश नेगी ने 89 वर्षीय लामा रंगरिक नलजोर का माइक्रो कॉर्निया से ग्रसित दुर्लभ से दुर्लभ आंख के मोतियाबिंद का सफल ऑपरेशन किया है। डॉ. अविनाश नेगी ने कहा कि लाखों मरीजों में किसी एक मरीज ऐसा मोतियाबिंद होता है। तीन साल में इस तरह का पहला ऑपरेशन किया गया है। उन्होंने ने कहा कि साधारण मनुष्य का आंख का आकार 11 सेंटीमीटर से साढ़े 12 सेंटीमीटर होता है, पर लामा रंगरिक नलजोर की दाहिने आंख का आकार 7 सेंटीमीटर होने से ऑपरेशन करना काफी मुश्किल था लेकिन ऑपरेशन सफलतापूर्वक हो गया है।
जांच करने पर पाया गया कि इनकी आंखों की रोशनी 60 प्रतिशत वापस आ गई है। उन्होंने कहा कि धीरे-धीरे आंखों की रोशनी पूरी तरह से लौट आएगी। इसके अतिरिक्त शिविर में 89 वर्षीय वृद्ध व्यक्ति, जिनकी आंख की रोशनी पांच वर्ष पहले चली गई थी और एक आंख पूरी तरह बंद हो चुकी है, जबकि दाई आंख की पुतली भी बहुत छोटी थी और दूसरी आंख की रोशनी भी चली गई थी। इसका ऑपरेशन भी सफल रहा है।
अस्पताल में आधुनिक फेको नेत्र ऑपरेशन मशीन स्थापित होने से पूरी हिमाचल प्रदेश की जनता को इसका लाभ मिल रहा है। मशीन के स्थापित होने से चिकित्सकों ने आज तक 1844 मोतियाबिंद और आंख में मांस बढ़ने का 284 सफल ऑपरेशन किए गए हैं। अब किनौरवासियों को आंखों के ऑपरेशन के लिए दूरदराज जिलों में नहीं जाना पड़ रहा है।