जल विद्युत परियोजना का कार्य प्रगति पर, प्रदेश और देश को होगा लाभ
रन ऑफ द रीवर बनेंगी परियोजनाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
आनी (कुल्लू)। सतलुज जल विद्युत निगम की लुहरी चरण-1 परियोजना जनवरी 2026 से देश और प्रदेश को रोशन करना शुरू कर देगी। निगम का लक्ष्य है कि इस परियोजना को 25 जनवरी 2026 तक देशवासियों को समर्पित कर दिया जाए। परियोजना का कार्य जोरों पर है। परियोजना को सिरे चढ़ाने के लिए बांध का निर्माण कार्य युद्धस्तर पर जारी है। उत्तर भारत के कई जिलों को इस परियोजना के पूर्ण होने पर बिजली की आपूर्ति होगी। 210 मेगावाट की इस परियोजना का बांध शिमला और कुल्लू जिले की सीमा में सतलुज पर नीरथ के नजदीक बनाया जा रहा है।
करीब 1900 करोड़ की लागत से बनने वाली इस परियोजना में सुरंगों से पानी गुजारने की तकनीक के बजाये रन ऑफ द रीवर बनाया जा रहा है। इस परियोजना के बांध के साथ पावर हाउस होगा जिससे बिजली पैदा की जानी है। करीब आधा दर्जन पंचायतें इस परियोजना से प्रभावित हुई हैं। परियोजना प्रबंधन ने इस परियोजना से तय मानकों के अनुसार 25 फीसदी पानी नदी में लगातार छोड़ने के लिए पुख्ता प्रबंध किए हैं। बताया जा रहा है कि इस कार्य के लिए परियोजना प्रबंधन ने मेकेनिज्म तैयार किया है और यह जलविद्युत परियोजनाओं में पहली बार प्रयोग हो रहा है।
लूहरी परियोजना प्रमुख सुनील चौधरी ने बताया कि जनवरी 2026 का लक्ष्य तय किया है। इस परियोजना को पूर्ण करने के लिए भरसक प्रयास किए जा रहे हैं। परियोजना के पूर्ण होने पर केंद्र और राज्य सरकार लाभान्वित होगी।