अब 13 को निश्चित रूप से होगा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष का चयन : तोमर
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। बीते एक वर्ष से अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का इंतजार कर रहे नगर परिषद के लोगों को अब और इंतजार करना होगा। बुधवार को चुनाव प्रक्रिया में कोरम पूरा न होने के कारण अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव फिर से टल गया है। अब 13 जुलाई को फिर से एसडीएम निशांत तोमर की अध्यक्षता में दोनों पदों के लिए चुनाव प्रक्रिया आयोजित होगी। गौर हो कि बीते वर्ष जुलाई में नगर परिषद के नौ वार्डों में से पांच वार्ड के पार्षदों ने अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया था, जिसे पारित कर पार्षदों ने उपायुक्त शिमला को सौंपा था। उसके बाद से नगर परिषद में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष के पद रिक्त पड़े हैं। नप के अहम पद रिक्त होने से विकास कार्य खासे प्रभावित हो रहे हैं। इसे देखते हुए 10 जुलाई बुधवार को अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चुनाव निश्चित किए गए थे। बुधवार सुबह 11 बजे से एसडीएम निशांत तोमर की अध्यक्षता में चुनाव प्रक्रिया करवाई गई। चुनाव प्रक्रिया में भाग लेने केवल छह ही पार्षद पहुंचे, जबकि पूर्व नप अध्यक्ष प्रीति कश्यप, उपाध्यक्ष अश्वनी नेगी और वार्ड नंबर एक के पार्षद प्रदीप कुमार इस चुनावी प्रक्रिया से नदारद रहे। हालांकि, कोरम पूरा करने के लिए नौ में से सात पार्षदों का चुनाव में भाग लेना अनिवार्य था, लेकिन इस चुनाव में केवल छह ही पार्षद शामिल हो पाए। सुबह 11 बजे से 12 बजे तक पार्षदों का इंतजार किया गया, लेकिन जब वे नहीं पहुंचे तो एसडीएम निशांत तोमर ने चुनाव की तिथि को तीन दिन बाद के लिए निर्धारित किया है। अब 13 को होने वाली चुनाव प्रक्रिया बहुमत के आधार पर अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चयन होगा।
रुके पड़े हैं कई विकास कार्य
बहरहाल, अभी नप क्षेत्र के हजारों लोगों को अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के लिए तीन दिन तक इंतजार करना होगा। कांग्रेस समर्थित नगर परिषद में पार्षदों की आपसी खींचतान के कारण नप क्षेत्र में विभिन्न विकास कार्यों को अमलीजामा नहीं पहनाया जा पा रहा है। इस मौके पर कार्यकारी अधिकारी डॉ. वरुण शर्मा, पार्षद विशेषर लाल, रोहिताश्व सिंह मेहता, कांता देवी, मुस्कान नेगी, स्वाति बंसल, गोविंद राम सहित अन्य मौजूद रहे।
कोरम पूरा न होन पर टला चुनाव
एसडीएम निशांत तोमर ने बताया कि हिमाचल प्रदेश म्यूनिसिपल एक्ट के तहत बुधवार को अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव को लेकर बैठक आयोजित की गई, जिसमें कोरम पूरा न होने के कारण अध्यक्ष, उपाध्यक्ष का चुनाव नहीं हो पाया है। नियमानुसार अब 13 जुलाई को फिर से बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें अध्यक्ष उपाध्यक्ष चुने जाएंगे, जिसको लेकर सभी पार्षदों को नोटिस जारी किए जाएंगे। 13 जुलाई को बहुमत के आधार पर अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चयन सुनिश्चित किया जाएगा।