संवाद न्यूज एजेंसी रोहड़ू। उपमंडल रोहड़ू की दूरदराज रनोल पंचायत को जोड़ने वाली देविधार-रनोल सड़क खस्ताहाल है। आठ किलोमीटर लंबी यह सड़क प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत आठ साल पहले पक्की हुई थी लेकिन अब इसकी टारिंग उखड़ चुकी है। स्थानीय बागवानों को सेब सीजन शुरू होने से पहले सड़क की मरम्मत न होने से भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस सड़क का शिलान्यास वर्ष 2007 में हुआ था। इसे वर्ष 2014-15 में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत उन्नयन के लिए स्वीकृति मिली थी। निर्माण कार्य 29 मई, 2018 को पूरा हुआ था। हालांकि, पिछले आठ वर्षों में सड़क का नवीनीकरण और नियमित रखरखाव नहीं हुआ। इस कारण सड़क की स्थिति लगातार खराब होती चली गई। कई जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं और टारिंग पूरी तरह उखड़ चुकी है। बरसात के मौसम में यह सड़क और भी खतरनाक हो गई है। स्थानीय बागवानों को सेब मंडियों तक पहुंचाने में दिक्कतें आ रही हैं। ग्रामीणों ने सड़क को जल्द दुरुस्त करने की मांग की है। देविधार-रनोल सड़क की खराब स्थिति से स्थानीय बागवान सबसे अधिक प्रभावित हैं। सेब सीजन अगस्त में शुरू होने वाला है लेकिन सड़क पर गड्ढे और उखड़ी टारिंग के कारण वाहनों की आवाजाही मुश्किल हो गई है। आपदाओं ने भी सड़क को कई स्थानों पर नुकसान पहुंचाया है। ग्रामीणों ने मांग की है कि सेब सीजन से पहले सड़क को ठीक किया जाए और उस पर टारिंग की जाए।
कई स्थानों पर स्थानीय भूमि मालिकों की ओर से गिफ्ट डीड उपलब्ध नहीं करवाई गई है। इस कारण सड़क को चौड़ा करने और पानी की निकासी का कार्य नहीं हो पा रहा है। विभाग सड़क के रखरखाव का कार्य कर रहा है और इसे जल्द दुरुस्त किया जाएगा। - विजय ठाकुर, सहायक अभियंता, लोक निर्माण विभाग