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Rampur Bushahar News: रामपुर की तीन पंचायतों के ग्रामीणों को कब मिलेगी बिजली कटों से निजात

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एक लाइनमैन के सहारे तीन पंचायतों के 36 ट्रांसफार्मर
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. आए दिन लग रहे बिजली के अघोषित कटों से हजारों ग्रामीण झेल रहे परेशानियां
. विद्युत बोर्ड की कार्यप्रणाली को लेकर ग्रामीणों ने जताया रोष, सुधार की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर।
उपमंडल रामपुर की रोहड़ू से सटे सीमांत क्षेत्र की तीन पंचायतों में बिजली बोर्ड के पास स्टाफ की कमी ग्रामीणों पर भारी पड़ रही है। आए दिन लग रहे बिजली के अघोषित कटों से तीन पंचायतों की करीब चार हजार की आबादी जूझ रही है। ग्रामीणों को वर्षों से सुधार के नाम पर केवल आश्वासन ही मिल रहे हैं, जबकि धरातल पर कोई सुधार नहीं हो पा रहा। ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार और विद्युत बोर्ड प्रबंधन से विद्युत आपूर्ति में सुधार की मांग उठाई है। विकास खंड रामपुर की नरैण, बाहली और पलजारा पंचायत के ग्रामीण लंबे समय से बिजली के अघोषित कटों की मार झेल रहे हैं। बीते शुक्रवार सुबह भी क्षेत्र में अचानक बिजली गुल हो गई और शनिवार दोपहर बाद विद्युत आपूर्ति बहाल हो पाई। क्षेत्र की तीन पंचायतों में लगे करीब 36 ट्रांसफार्मरों का जिम्मा केवल एकमात्र लाइनमैन के हवाले है। ऐसे में स्टाफ की कमी से जूझ रहा बिजली बोर्ड व्यवस्था बनाए रखने में नाकाम साबित हो रहा है। यह क्षेत्र काफी ऊंचाई वाला है और यहां हल्का मौसम बिगड़ने पर भी विद्युत आपूर्ति ठप पड़ जाती है। शुक्रवार को भी विद्युत आपूर्ति बहाल करने में एक दिन का समय लग गया। लंबे समय तक फॉल्ट न मिलने के कारण विद्युत आपूर्ति बाधित रही। यह समस्या पहली बार नहीं है। आए दिन बिजली कट लगना अब आम बात हो गई है। खासकर, अब बरसात और बर्फबारी के मौसम में हालात और भी बिगड़ जाते हैं। बिजली आपूर्ति ठप होने से क्षेत्र के लोगों को रोजमर्रा के कार्य निपटाने, कार्यालय, अस्पताल और पंचायत से जुड़े कार्य निपटाने में भी परेशानी झेलनी पड़ती है। वर्षों बिजली बोर्ड में कर्मचारियों की कमी चल रही है। इस कारण यह क्षेत्र अधिक प्रभावित है। 36 ट्रांसफार्मरों में से किस ट्रांसफार्मर में फॉल्ट है, इसका पता करने में ही कई घंटों का समय लग जाता है।


बोर्ड प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर जताया रोष

विद्युत उपभोक्ता देविंद्र भलूनी, रोहित राणा, प्रेमराज ठाकुर, प्रताप राणा, सुनील देष्टा, सूरज, चंदन कायथ, सुरेंद्र मोहन, सतवीर कायथ, सुधीर कायथ समेत अन्य लोगों ने बिजली बोर्ड प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर रोष जताया है। उन्होंने कहा कि हल्की सी हवा और मौसम बिगड़ने पर बिजली आपूर्ति ठप हो जाती है। विद्युत बोर्ड प्रबंधन से बार-बार मांग उठाने के बाद भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा। उन्होंने क्षेत्र में सुचारु विद्युत आपूर्ति के लिए बोर्ड में रिक्त पड़े पदों को भरने और विद्युत ढांचे में आवश्यक सुधार करने की मांग की है।
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क्षेत्र के 36 ट्रांसफार्मर का जिम्मा एक लाइनमैन के सहारे है। रिक्त पदों को लेकर समय-समय पर विभाग के उच्चाधिकारियों को सूचित किया जा रहा है। क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति सुदृढ़ करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। प्यास सिंह खोजान,
सहायक अभियंता, विद्युत बोर्ड तकलेच
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