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Rampur Bushahar News: मुख्यमंत्री को पत्र सौंपकर ज्यूरी कॉलेज को फिर से खोलने की मांग

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2021 में ज्यूरी कॉलेज बंद होने से 16 पंचायतों के विद्यार्थी झेल रहे दिक्कतें
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दुर्गम क्षेत्र से रामपुर जाने को मजबूर युवा, गरीब विद्यार्थी हुए शिक्षा से वंचित

संवाद न्यूज एजेंसी

रामपुर बुशहर। उपमंडल रामपुर के दुर्गम क्षेत्रों और किन्नौर के विद्यार्थियों के लिए ज्यूरी कॉलेज वरदान था। लंबे समय तक शिक्षकों की तैनाती और आधारभूत ढांचे के अभाव में चल रहे इस कॉलेज को सरकार ने बंद कर दिया। सरकार के इस निर्णय से दुर्गम क्षेत्रों के विद्यार्थियों को रामपुर कॉलेज जाना पड़ रहा है।
क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों और छात्रहित को देखते हुए ज्यूरी कॉलेज फिर से खुलना चाहिए। यह मांग 15/20 विकास सभा ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और लोक निर्माण विभाग मंत्री विक्रमादित्य को पत्र सौंपकर की है। सभा ने अध्यक्ष एमएल मेहता की अगुवाई में मुख्यमंत्री को ज्यूरी कॉलेज फिर खोलने को लेकर मांगपत्र सौंपा। सभा के पदाधिकारियों ने कहा कि क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए केंद्र स्थान ज्यूरी में सरकारी महाविद्यालय की फिर से स्थापना की जानी अत्यंत आवश्यक है। 2017 में पूर्व मुख्यमंत्री स्व. वीरभद्र सिंह ने ज्यूरी में डिग्री कॉलेज की आधिकारिक घोषणा कर उसे शुरू किया था। शुरुआती दौर में इस कॉलेज में 20 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया था, लेकिन सत्ता परिवर्तन और शिक्षकों की कमी के कारण महाविद्यालय में शिक्षण व्यवस्था ठप हो गई। इसके कारण यहां छात्रों की संख्या घटकर मात्र सात रह गई थी। 2017 से लेकर नवंबर 2021 तक कॉलेज चलता रहा, जबकि इसके बाद इसे बंद कर दिया गया। लोगों ने कॉलेज बंद करने के विरोध में धरना प्रदर्शन किए और फिर उच्च न्यायालय का भी दरवाजा खटखटाना पड़ा। क्षेत्र के अभिभावक मजबूर होकर अपने बच्चों को दूरस्थ रामपुर कॉलेज में भेजने लगे, जिससे गरीब परिवारों के बच्चे उच्च शिक्षा से वंचित रह गए। अध्यक्ष एमएल मेहता ने कहा कि यह क्षेत्र सामाजिक एवं आर्थिक दृष्टि से पिछड़ा हुआ है। उच्च शिक्षा की सुविधा का अभाव यहां की प्रगति में बाधक सिद्ध हो रहा है। ज्यूरी में पूर्व में कॉलेज निर्माण के लिए करीब 65 बीघा भूमि भेड़ प्रजनन केंद्र ज्यूरी से शिक्षा विभाग के अधीन स्थानांतरित की गई थी। उन्होंने मुख्यमंत्री से दुर्गम क्षेत्र के छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए ज्यूरी कॉलेज को फिर से शुरू करने की मांग की है। इस मौके पर सभा के उपाध्यक्ष संत लाल आनंद, गुलाब सिंह परशेटका, महासचिव गीता राम नेगी, सचिव बहादुर सिंह जंत, डॉ. जीआर नेगी, आत्मा राम केदारट, वेद प्रकाश जंत, गोपाल बंसल, रतन डोगरा, सुशीला नेगी, वेद प्रकाश, विजय मतेल, मोहन लाल कपाटिया, चुन्नी लाल सहित अन्य मौजूद रहे।
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ज्यूरी कॉलेज खुलने से रामपुर और किन्नौर की इन पंचायतों को मिलेगा लाभ

ज्यूरी में कॉलेज खुलने से कूट, क्याव, गानवी, जघोरी, फांचा, लबाना सदाना, सरपारा, ज्यूरी, शाहधार, बौंडा, सराहन, किन्नू, बधाल, रूपी, बड़ा कंबा और छोटा कंबा पंचायतों के हजारों विद्यार्थी लाभान्वित होंगे। ये सभी पंचायतें भौगोलिक दृष्टि से ज्यूरी को ही अपना केंद्र मानती हैं और ज्यूरी बाजार पर ही पूरी तरह से निर्भर हैं।
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