पत्थर गिरने से कई लोग हो चुके हैं घायल, एक महिला की हो गई थी मौत
संवाद न्यूज एजेंसी
नेरवा (रोहड़ू) । नेरवा बाजार के दूसरे छोर पर स्थित शिवलौती भवन से लेकर कॉलेज रोड तक करीब तीन सौ मीटर क्षेत्र में पहाड़ी पर बंदरों की उछल-कूद के चलते सड़क पर चलने वाले राहगीर खतरे के साये में सफर करते हैं। इस सड़क पर सुबह से शाम तक अधिक आवाजाही रहती है। कॉलेज के विद्यार्थियों के अलावा एक स्कूलों और अन्य संस्थानों के छात्र पैदल सफर करते हैं। करीब तीन सौ मीटर सड़क के इस क्षेत्र में पहाड़ी से लुढ़के पत्थर के लगने से एक महिला की मृत्यु हो चुकी है और कई लोग घायल हो चुके हैं। इसके अलावा सड़क के किनारे बनीं दुकानों और घरों को भी क्षति पहुंच चुकी है। पिछले साल भी एक पत्थर के लुढ़कने से हार्डवेयर विक्रेता अली मोहम्मद का हजारों रुपये का नुकसान हुआ था। उससे पहले पहाड़ी से लुढ़के एक पत्थर की चपेट में आने से एक महिला की मौत हो गई थी। सुबह के समय पहाड़ी से लुढ़के पत्थर से एक निजी मोबाइल कंपनी में कार्यरत सफाई कर्मचारी रमला के सिर पर चोट लगी थी, जिससे उसकी अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो गई थी।
इस पहाड़ी पर बंदर उछलकूद मचाते रहते हैं। बंदरों की उछलकूद और हवाएं चलने से पहाड़ी से पत्थर लुढ़ककर सड़क पर गिरते रहते हैं। यही पत्थर लोगों के लिए खौफ का कारण बने हुए हैं। स्थानीय लोग पिछले एक दशक से पहाड़ी के मुहाने पर लोहे की जालियां लगाने और पहाड़ी पर उत्पात मचाने वाले बंदरों को पकड़ कर किसी सुरक्षित स्थान पर छोड़ने की मांग कर रहे हैं, परंतु प्रशासन के कान पर आज तक जूं तक नहीं रेंग पाई है।
सीएम से लगाई गुहार
नगर पंचायत नेरवा की अध्यक्ष बबिता तंगड़ाईक, पार्षद योगेंद्र पुरटा, संजय कुमार, पूर्व मनोनीत पार्षद अमन सूद, व्यापार मंडल नेरवा के अध्यक्ष राजीव भिख्टा, उपाध्यक्ष दिनेश अमरेट, महासचिव जगत चौहान, कोषाध्यक्ष प्रदीप चौहान, प्रेस सचिव सुरेश सूद, पंचायत नेरवा-चंदलोग की प्रधान बबिता रमचाईक, बीडीसी सदस्य मधु रमचाइक, पंचायत केदी की प्रधान ऋतू राठौर, स्थानीय व्यवसायी अजय तंगड़ाईक, रमेश ठुंडू, तमाम व्यापारियों और स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से मांग की है कि शिवलौती भवन से लेकर कॉलेज रोड तक पहाड़ी से लुढ़क रहे पत्थरों से बचाव के लिए जालियां लगाई जाएं और इस क्षेत्र से बंदरों को पकड़कर किसी सुरक्षित स्थान पर छोड़ा जाए ।