फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rampur Bushahar News: कांस्य पदक जीतकर लौटीं बेटियों का ठियोग में स्वागत

विज्ञापन
विज्ञापन
कांस्य पदक जीतकर लौटी हिमाचल की बेटियों का ठियोग में जोरदार स्वागत
विज्ञापन

. थ्रो-बॉल फेडरेशन कप में ओडिशा को हराकर झटका तीसरा स्थान
. इंडोर स्टेडियम की कमी दूर करने की उठी मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
ठियोग (रामपुर बुशहर)। जम्मू-कश्मीर के पूंछ में आयोजित 31वीं वरिष्ठ महिला नेशनल थ्रो-बॉल फेडरेशन कप में कांस्य पदक जीतकर लौटीं हिमाचल की बेटियों का ठियोग पहुंचने पर जोरदार स्वागत किया गया। राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन कर लौटी टीम की इस उपलब्धि पर क्षेत्र में खुशी का माहौल है। खिलाड़ियों ने तीसरे स्थान के मुकाबले में ओडिशा की टीम को हराकर कांस्य पदक अपने नाम किया। हिमाचल प्रदेश की टीम में अलविशा जनदेव, प्रिया वर्मा, पूर्वांशी राठौर, महक वर्मा, सुहानी कंवर, सुनिधि कंवर, दिया कंवर, ओशिन वेक्टा और आस्था सहित खिलाड़ियों ने प्रतियोगिता में भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। टीम की सफलता में खिलाड़ियों की मेहनत, अनुशासन और आपसी तालमेल की अहम भूमिका रही। टीम के कोच एवं चयनकर्ता कंवर सिंह, टीम मैनेजर सीमा चंदेल और सरोज शर्मा ने भी इस उपलब्धि में महत्वपूर्ण योगदान दिया। कंवर सिंह वर्तमान में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला काठोग, तहसील ठियोग, जिला शिमला में शारीरिक शिक्षक के पद पर सेवाएं दे रहे हैं। खिलाड़ियों की इस सफलता पर प्रदेश थ्रो-बॉल फेडरेशन के अध्यक्ष देवी दत्त तंवर, महासचिव एलआर वर्मा, कोषाध्यक्ष देश राज, अध्यक्ष अभिषेक ठाकुर और संयुक्त सचिव जयंती कंवर ने टीम को बधाई दी।
विज्ञापन

ठियोग में इंडोर स्टेडियम की कमी खली
राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाली टीम की सफलता के बीच ठियोग में इंडोर स्टेडियम की कमी का मुद्दा भी सामने आया है। क्षेत्र में इंडोर स्टेडियम न होने के कारण खिलाड़ियों को अभ्यास के लिए पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिल पाती हैं। खेल से जुड़े लोगों ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सरकार से ठियोग में आधुनिक सुविधाओं से युक्त इंडोर स्टेडियम बनाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि खिलाड़ियों को अपने क्षेत्र में ही बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध हों, तो वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इससे भी बेहतर प्रदर्शन कर सकती हैं। खिलाड़ियों की इस उपलब्धि ने एक बार फिर साबित किया है कि हिमाचल प्रदेश की बेटियों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। जरूरत केवल उन्हें बेहतर खेल सुविधाएं और अभ्यास के लिए उचित माहौल उपलब्ध करवाने की है। ठियोग में इंडोर स्टेडियम का निर्माण क्षेत्र की उभरती खेल प्रतिभाओं के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें