रामपुर कॉलेज में राज्य स्तरीय पहाड़ी दिवस का किया आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। गोविंद वल्लभ पंत महाविद्यालय रामपुर में शनिवार को भाषा एवं संस्कृति विभाग हिमाचल प्रदेश ने राज्य स्तरीय पहाड़ी दिवस समारोह का आयोजन किया। सातवें राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष एवं विधायक नंदलाल बतौर मुख्यातिथि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यातिथि ने दीप प्रज्वलित कर किया। समारोह में डॉ. विजय कुमार स्टोक्स मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने हिमाचल की विलुप्त होती सांस्कृतिक विरासत पर व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने क्षेत्रीय बोलियों, लोक संगीत, लोक नृत्य और लोक वाद्य यंत्रों के बारे में जानकारी दी। हितेंद्र शर्मा ने कहा कि तुम्हे टीक आ बैशा जी, किंजे आ से स्नेह की भावना प्रकट होती है। अंश की हिमाचल म्हारो सोबी का प्यारो, शोभले म्हारे देशो नजारो, शिवानी सुकेती ने मारा गांव सभी रा प्यारा, शक्ति चंद राणा ने चस्का लगेया चंडीगढ़ दा, कृष्ण बबली ने लामण, झूठी और मलकू लोकगीत प्रस्तुत किए। प्रथम सत्र की अध्यक्षता डॉक्टर सूरत ठाकुर ने की। इसके अलावा बिलासपुर के सुरेंद्र मिन्हास, बाबूराम धीमान, प्रेम पाल आर्य, पल्लवी, दोत राम पहाड़िया, हीरालाल ठाकुर, डॉ. राकेश कपूर, कृष्ण चंद्र महादेवीया, भीम सिंह, विनोद गुलेरिया, जाह्नवी, राम भगत, चंद्र चीला नेगी, हितेंद्र शर्मा, दीपक शर्मा, रविंद्र कुमार शर्मा , रविंद्र साथी, बिलासपुर के अरुण डोगरा रितु, अशोक कालिया, राजपाल कुतलेहड़िया, हेमंत अत्री, दीपक शर्मा, नरेंद्र कुमार शर्मा, वेद प्रकाश शर्मा, कृष्णा देवी वर्मा,कल्पना गंगटा, उमा ठाकुर, प्रमोद कुमार हर्ष, वंदना राणा और शिवानी सहित अन्य कवियों ने कविता पाठ किया। समारोह में महाविद्यालय रामपुर के छात्रों में कुल्लवी नाटी की प्रस्तुति पेश कर वाहवाही लूटी। कार्यक्रम के प्रथम सत्र में उपनिदेशक भाषा संस्कृत विभाग कुसुम ने मंच संचालन किया। दूसरे सत्र में मदन हिमाचली ने मंच संचालन किया। सहायक निदेशक सुरेश राणा ने सभी का धन्यवाद किया। इस मौके पर मोहन ठाकुर, डॉ. टीडी वर्मा, प्रो. सतपाल और सुनीला ठाकुर सहित अन्य उपस्थित रहे।
इनसेट
हिमाचल कला संस्कृति अकादमी ने पुस्तक, राज्य अभिलेखागार, ऐतिहासिक अभिलेखागार, ऐतिहासिक और दुर्लभ अभिलेखों की प्रदर्शनी लगाई। प्रदर्शनी में 1807 वर्ष तक का रिकॉर्ड रखा गया। उर्दू, अंग्रेजी, हिंदी और डांगरी भाषा में लिखे इतिहास की पुस्तकों की प्रदर्शनी लगाई गई।